हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के अंब में सोशल मीडिया पर छिड़ा विवाद अब पुलिस थाने तक पहुंच गया है। पूर्व विधायक बलबीर सिंह ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि 9 मई से फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उनके खिलाफ एक संगठित अभियान चलाया जा रहा है। उनका कहना है कि कुछ विशेष अकाउंट्स के जरिए उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। फर्जी तस्वीरों और पोस्ट के जरिए दुष्प्रचार बलबीर सिंह के अनुसार, ‘झूठ का पर्दाफाश’ नामक फेसबुक पेज और अन्य सोशल मीडिया आईडी से उनके खिलाफ आपत्तिजनक और मानहानिकारक पोस्ट साझा की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि इन आईडी से ऐसी फर्जी तस्वीरें पोस्ट की गई हैं, जिनमें उन्हें रिश्वत लेते हुए दिखाया गया है। पूर्व विधायक ने इन सभी तस्वीरों और दावों को पूरी तरह से मनगढ़ंत और आधारहीन करार दिया है। जातिसूचक टिप्पणियों और धमकियों का जिक्र शिकायत में यह भी कहा गया है कि इस अभियान के तहत न केवल अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया गया, बल्कि जाति आधारित टिप्पणियां भी की गईं। बलबीर सिंह ने नीतिन राणा नामक एक यूजर का विशेष उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि उसने भड़काऊ पोस्ट साझा की हैं। इसके अलावा, कुछ पोस्ट में धमकी भरे नारों का इस्तेमाल किया गया है, जिसका मकसद चुनावी माहौल को खराब करना और आपसी भाईचारे को नुकसान पहुंचाना है। सख्त कानूनी धाराओं के तहत कार्रवाई की मांग पूर्व विधायक ने इस मामले में पुलिस से कड़ी कार्रवाई की गुहार लगाई है। उन्होंने एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम, सूचना प्रौद्योगिकी (IT) एक्ट और भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने पुलिस से आग्रह किया है कि इन कृत्यों के पीछे जिम्मेदार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए और सामाजिक वैमनस्य फैलाने वालों को सजा दी जाए। आईपी एड्रेस ट्रेस करने और पोस्ट हटाने की अपील बलबीर सिंह ने प्रशासन से मांग की है कि विवादास्पद सोशल मीडिया अकाउंट्स के आईपी एड्रेस (IP Address) को ट्रेस किया जाए ताकि फर्जी आईडी चलाने वालों की असली पहचान हो सके। साथ ही, उन्होंने सभी आपत्तिजनक और फर्जी पोस्ट को तुरंत इंटरनेट से हटाने की भी अपील की है। पुलिस अब इस शिकायत के आधार पर मामले की जांच में जुट गई है और दोषियों की पहचान करने की कोशिश कर रही है।
Source link
