चंडीगढ़ के डड्डू माजरा स्थित डंपिंग ग्राउंड में अब गीले कूड़े का निस्तारण करने वाले प्लांट को अपग्रेड किया जाएगा। पिछले दिनों नगर निगम की तरफ से वेस्ट मैनेजमेंट में बदलाव कर चार तरह के डस्टबिन का प्रावधान किया गया था। इसके बाद नगर निगम की तरफ से यह फैसला लिया गया है। इसमें प्लांट में कई तरह के जरूरी बदलाव किए जाएंगे। 2.42 करोड़ की आएगी लागत इस वेट वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट को अपग्रेड करने में करीब 2.42 करोड़ रुपए की लागत आएगी, जिसे 9 महीने में पूरा कर लिया जाएगा। इसके लिए 18 मई को टेक्निकल बिड लगाई जाएगी। इसके अलावा 10 टन कूड़ा हर रोज अलग करने वाले प्लांट के विस्तार की भी योजना बनाई गई है, जिसकी लगभग कीमत 1.27 करोड़ रुपए है। इस काम को भी 6 महीने में पूरा किया जाना है। हाई कोर्ट में चल रहा है केस पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में डंपिंग ग्राउंड को लेकर केस चल रहा है, जिसमें अदालत ने 25 मई तक कचरा हटाने, लेवलिंग और मिट्टी की परत बिछाने के आदेश दिए हैं। कोर्ट के सख्त आदेश हैं कि लेवलिंग के दौरान कहीं भी पॉलीथिन, प्लास्टिक या कचरा दिखाई नहीं देना चाहिए। इस मामले में अगली सुनवाई 26 मई को होगी। इसे लेकर अधिकारी लगातार डंपिंग ग्राउंड का दौरा कर रहे हैं। प्लांट में मिली थीं कमियां सूखे कचरे के प्लांट के निरीक्षण के दौरान आयुक्त के साथ आए चीफ इंजीनियर सी.बी. ओझा ने पाया था कि वहां कचरे के वजन का रिकॉर्ड सही ढंग से नहीं रखा जा रहा था। इसके अलावा आने वाले कचरे की तुलना में उसका निस्तारण कम हो रहा था, जिससे वहां कचरे का ढेर जमा पाया गया। जांच में सामने आया कि RDF (RDF) टेस्टिंग और इनर्ट मटेरियल से संबंधित जरूरी दस्तावेज अधूरे थे। यह अनुबंध की शर्तों और निर्धारित मानकों का उल्लंघन है। एक महीने में मांगी एक्शन टेकन रिपोर्ट आयुक्त ने संबंधित एजेंसी के खिलाफ अनुबंध की शर्तों के तहत उचित कार्रवाई करने और इन खामियों को तुरंत ठीक करने के आदेश दिए हैं। निगम आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं कि इस संबंध में की गई कार्रवाई की रिपोर्ट (Action Taken Report) एक सप्ताह के भीतर पेश की जाए।
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