चंडीगढ़ में गैंगस्टर लकी पटियाल के गुर्गे समेत दो युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। तलाशी के दौरान पुलिस को कमानीदार चाकू बरामद हुए हैं। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गोलू और जिमी बंसल के रूप में हुई है। मामले में थाना साउथ सेक्टर-34 पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट की धारा 25, 54 और 59 के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है। वकील को पहले भी मिल चुकी थीं धमकियां पुलिस को दी शिकायत में वकील उज्ज्वल भसीन ने बताया कि उन्होंने 112 नंबर पर कॉल कर सूचना दी थी कि उनके घर के पास कम्युनिटी सेंटर की दीवार के नजदीक एक काले रंग की हुंडई वेन्यू कार में दो संदिग्ध युवक बैठे हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें पहले भी धमकियां मिल चुकी थीं, जिसके चलते उन्हें शक हुआ और उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने के बाद एएसआई नरेंद्र पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने सेक्टर-44बी कम्युनिटी सेंटर के पीछे खड़ी काले रंग की वेन्यू कार की जांच की। तलाशी के दौरान कार में बैठे दोनों युवकों की बाईं जेब से एक-एक कमानीदार चाकू बरामद हुआ। पूछताछ में ड्राइवर सीट पर बैठे युवक ने अपना नाम गोलू निवासी बुरैल सेक्टर-45 बताया, जबकि पीछे की सीट पर बैठे युवक की पहचान जिमी बंसल निवासी बुरैल सेक्टर-45 के रूप में हुई। गैंगस्टर के इशारे पर मांगते थे रंगदारी एफआईआर के अनुसार, मामले में पुलिस ने 12 मार्च 2023 को कार्रवाई करते हुए सबसे पहले आरोपी मनु बट्टा निवासी बुरैल को गिरफ्तार किया था। पुलिस के मुताबिक उसे सेक्टर-50 स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के पास से पकड़ा गया। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से एक 32 बोर का अत्याधुनिक हथियार, मैगजीन, 5 जिंदा कारतूस और एक स्कोडा कार बरामद हुई थी। इसके बाद 13 मार्च 2023 को मनु बट्टा की निशानदेही और खुलासे के आधार पर पुलिस ने अन्य आरोपियों पर कार्रवाई की। पुलिस ने आरोपी अमन कुमार उर्फ विक्की निवासी बरवाला, पंचकूला, कमलदीप उर्फ किम्मी निवासी मलोया और संजीव उर्फ संजू निवासी मलोया को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, अमन कुमार उर्फ विक्की के कब्जे से एक 30 बोर की पिस्टल और 6 जिंदा कारतूस बरामद किए गए। वहीं, कमलदीप उर्फ किम्मी से एक 32 बोर का रिवॉल्वर और 6 जिंदा कारतूस मिले। इसके अलावा संजीव उर्फ संजू के पास से एक 32 बोर की पिस्टल और 6 जिंदा कारतूस बरामद किए गए। एफआईआर में लकी पटियाल, प्रिंस कुराली, लल्ली मलेशिया, मुकुल राणा, हैप्पी खुर्द शहजादपुर, रजत चंडीगढ़ और जिमी बंसल समेत कई लोगों के नाम शामिल किए गए थे। पुलिस का आरोप था कि यह गैंग विदेश में बैठे गैंगस्टरों के इशारे पर व्हाट्सएप कॉल और मैसेंजर ऐप के जरिए चंडीगढ़ और आसपास के इलाकों में रंगदारी का नेटवर्क चला रहा था।
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