.
परम संत अद्वैत स्वरूप आरती देवा महाराज जी की अध्यक्षता में छेहर्टा करतार नगर मंे श्री आरती शिव दुर्गा मंदिर में 30वां सर्वधर्म सम्मेलन समाप्त हो गया। इसमें सबसे पहले सुबह 10 से 1 बजे तक गायत्री महायज्ञ का आयोजन हुआ। जिसमें सुमित शास्त्री ने मंत्रोच्चारण के साथ यज्ञ की पवित्र अग्नि में आहुतियां डलवाई। बाद दोपहर शुरू किए सम्मेलन में कई संत पधारे।
सर्वधर्म सम्मेलन में संगत को संबोधित करते कहा कि संत मानव को धर्म के साथ जोड़ता है तोड़ता नहीं। उन्होंने कहा कि एक अभद्र पुरुष अपने साथ अभद्रता छोड़ता है। परंतु संत जहां भी जाता है प्रभु नाम का रस बिखेर देता है। उन्होंने कहा कि जो मानव इस रस को पी लेता है वह प्रभु चरणों का दास बन जाता है। संतों ने कहा कि फल ऊंचे पेड़ों की नहीं लगते बल्कि नीचे झुकने वालों को लगते है। ऊंचे पेड़ों की छाया नहीं होती इसलिए हमें नीचा होकर रहना है।
इस मौके पर स्वामी शिव स्वरूपानंद सरस्वती जोधपुर वाले, आत्मज्योति गिरि महाराज, आत्मप्रकाश गिरि महाराज, सरोज देवा, लक्ष्मणानंद महाराज, अशोकानंद महाराज, नामधारी समाज के संत महापुरुष मौजूद रहे।
