नारनौल में रविवार को धूप में तेजी नहीं रही। खुले मौसम के बीच महेंद्रगढ़ रोड पर गुजरते हुए वाहन।
हरियाणा में मौसम में बदलाव के बावजूद गर्मी का असर बना हुआ है। रविवार को प्रदेश का सबसे अधिक तापमान फरीदाबाद के बोपानी में 45.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, भिवानी में 42 डिग्री और सिरसा में 41.4 डिग्री तापमान रिकॉर्ड हुआ।
.
मौसम विभाग का कहना है कि कुछ दिनों तक मौसम परिवर्तनशील बना रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में 11 मई से 14 मई तक अलग-अलग जिलों में हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की संभावना है। इसके बाद मौसम के फिर से शुष्क होने के आसार हैं।
आज से 14 तक मौसम में बदलाव
मौसम विभाग ने विशेष रूप से 11 मई को कई क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की संभावना जताई है। वहीं 10 मई तथा 12 से 14 मई के दौरान प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवा चल सकती हैं।
हरियाणा के शहरों का अधिकतम तापमान।
लोगों को गर्मी से मिलेगी राहत
विभाग के अनुसार, अगले तीन से चार दिनों के दौरान प्रदेश के अधिकतम तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। हालांकि, बादलवाही और बीच-बीच में बारिश के चलते लोगों को भीषण गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है।
तेज हवाओं और गरज-चमक का अलर्ट
मौसम विभाग ने पंचकूला, अंबाला और यमुनानगर जिलों में 11 मई को गरज-चमक और बिजली गिरने के साथ 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की चेतावनी जारी की है।
इसके अलावा कुरुक्षेत्र, कैथल, करनाल, सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, जींद और भिवानी जिलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और गरज-चमक की संभावना जताई गई है।
हल्की से मध्यम बारिश के आसार
पूर्वानुमान के अनुसार, चंडीगढ़, पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, कैथल, करनाल, सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, जींद और भिवानी जिलों में अलग-अलग स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। बारिश और तेज हवाओं के कारण किसानों और आमजन को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
किसानों और आमजन के लिए एडवाइजरी
मौसम विभाग ने गरज-चमक के दौरान लोगों को घरों से बाहर न निकलने की सलाह दी है। विभाग ने कहा है कि खराब मौसम के दौरान पेड़ों के नीचे शरण लेने से बचें और सुरक्षित स्थानों पर रहें। किसानों को भी सलाह दी गई है कि वे मौसम सामान्य होने तक खेतों में कृषि कार्य स्थगित रखें, ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके।
