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कटनी में 36 घंटे में 18 लाख की चोरी, CCTV: यात्री से फोन नकदी लूटा; पुलिस बैठकों के बाद भी नहीं थम रहा अपराध – Katni News

कटनी में 36 घंटे में 18 लाख की चोरी, CCTV:  यात्री से फोन नकदी लूटा; पुलिस बैठकों के बाद भी नहीं थम रहा अपराध – Katni News

कटनी जिले में बीते 36 घंटों के दौरान दो बड़ी आपराधिक घटनाएं सामने आई हैं। इनमें एक यात्री के साथ लूट और शहर के व्यस्ततम इलाके में 18 लाख रुपए की चोरी शामिल है। ये वारदातें ऐसे समय हुई हैं जब पुलिस अधीक्षक (SP) अभिनय विश्वकर्मा अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए लगातार बैठकें कर रहे हैं और थाना प्रभारियों को सख्त निर्देश दे रहे हैं। पहली घटना रविवार दोपहर की है, जब गाजीपुर (उत्तर प्रदेश) निवासी अजय कुमार शर्मा बिलासपुर से मजदूरी कर अपने घर लौट रहे थे। मुड़वारा स्टेशन पर उतरने के बाद कटनी जंक्शन पैदल जाते समय सुनसान इलाके में बदमाशों ने उन्हें घेर लिया। यात्री से बदमाशों ने फोन-नकदी छीनी बदमाशों ने लाठी-डंडों से पीटकर अजय शर्मा को सड़क से दूर घसीटा और उनका मोबाइल फोन, 3200 रुपए नकद और आवश्यक दस्तावेज छीन लिए। घायल अवस्था में पीड़ित जब कोतवाली थाने पहुंचे, तो उन्हें घंटों तक भटकाया गया। पीड़ित का आरोप है कि पुलिस ने आवेदन तो लिया, लेकिन उसकी पावती नहीं दी और उन्हें वहां से जाने को कहा। पुलिसकर्मी ने फरियादी की नहीं की मदद मदद की उम्मीद में अजय शर्मा जीआरपी थाने पहुंचे, जहां भी उन्हें कोई सहायता नहीं मिली। किसी भी पुलिसकर्मी ने उन्हें घर भेजने या किराए की व्यवस्था करने में मदद नहीं की। अंततः कुछ समाजसेवियों के हस्तक्षेप के बाद ही अजय अपने घर के लिए रवाना हो सके। मोबाइल दुकान से चोरों ने 85 फोन चुराए दूसरी घटना सोमवार सुबह करीब 4 बजे कोतवाली थाना क्षेत्र के बरही रोड पर स्थित अग्रवाल मोबाइल शॉप में हुई। खिरहनी चौकी से कुछ ही दूरी पर हुई चोरी में चोरों ने दुकान से 18 लाख रुपए का सामान चुरा लिया। इस वारदात ने पुलिस की गश्त व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सीसीटीवी फुटेज में देखा गया कि नकाबपोश चोरों ने सबसे पहले दुकान के बाहर पर्दा लगाया ताकि सड़क से कोई उन्हें देख न सके। इसके बाद शटर काटकर एक युवक को दुकान के अंदर भेजा गया। चोरों ने विभिन्न कंपनियों के लगभग 85 एंड्रॉइड फोन चुराए। चोरों ने करीब 40 मिनट तक वारदात को अंजाम दिया। इसके बाद वे सड़क पर बैठकर इत्मीनान से चोरी किए गए मोबाइल फोन का बंटवारा करते रहे और फिर आराम से वहां से निकल गए। पुलिस चौकी के इतने करीब इतनी देर तक वारदात का होना अपराधियों के बेखौफ इरादों को दर्शाता है। बैठकों का शो फ्लॉप, फाइलों में सिमटा रोडमैप ​हैरानी की बात यह है कि घटनाओं से मात्र दो दिन पहले ही कटनी पुलिस कंट्रोल रूम में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक हाई-प्रोफाइल बैठक हुई थी। एसपी अभिनय विश्वकर्मा, रेल एरिया मैनेजर रोहित और जीआरपी-आरपीएफ के आला अधिकारियों के बीच अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए एक विस्तृत रोडमैप तैयार किया गया था। जिसमें अपराध के हॉटस्पॉट की पहचान करना। ​ट्रेनों में अवैध वेंडरों का आपराधिक रिकॉर्ड खंगालना। ​चोरी की संपत्ति खरीदने वाले रिसीवर्स पर नजर रखना, ​घटना के समय और प्रकृति का डेटा संग्रहण करना सामिल हैं लेकिन यह रोडमैप जमीन पर उतरने से पहले ही धराशायी हो गया। जिस समय पुलिस अधिकारी डेटा और फाइलों की बात कर रहे थे, ठीक उसी के बाद एक यात्री के साथ लूट हो गई। सवाल यह उठता है कि क्या ये बैठकें सिर्फ फोटो खिंचवाने और औपचारिकता पूरी करने तक सीमित हैं। ​सीसीटीव में दिखे हथियारबंद गिरोह, फिर भी कार्रवाई नहीं ​कोतवाली पुलिस की सुस्ती का यह कोई पहला मामला नहीं है। पिछले रविवार को शिवाजी नगर वार्ड का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें 10-12 नकाबपोश बदमाश हाथों में हथियार लहराते हुए घरों की निगरानी करते नजर आए थे। चेहरा और हुलिया सामने होने के बावजूद पुलिस उन्हें पकड़ने में नाकाम रही। इसी लापरवाही का नतीजा रहा कि अपराधियों का हौसला बढ़ा और अग्रवाल मोबाइल शॉप जैसी बड़ी चोरी की वारदात घटित हो गई। ​कटनी की जनता अब खुद को असुरक्षित महसूस कर रही है। व्यापारियों का कहना है कि अगर मुख्य बाजारों और पुलिस चौकियों के पास दुकानें सुरक्षित नहीं हैं, तो फिर आम नागरिक कहां जाए पुलिस अधीक्षक के निर्देश और धरातल की हकीकत के बीच की यह खाई कटनी पुलिस की कार्यप्रणाली को कटघरे में खड़ा करती है।



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