भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और त्रिनिदाद-टोबैगो की प्रधानमंत्री कमला प्रसाद-बिसेसर ने पोर्ट ऑफ स्पेन में स्थायी जयपुर फुट केंद्र का उद्घाटन किया। इस अवसर को भारत और कैरेबियन देशों के बीच मानवीय सहयोग का एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है। सितंबर 2025 में हुई थी घोषणा यह केंद्र जयपुर फुट यूएसए द्वारा भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति (BMVSS) के सहयोग से स्थापित किया गया है। जयपुर फुट यूएसए ने पिछले वर्ष सितंबर में न्यूयॉर्क में प्रधानमंत्री कमला प्रसाद-बिसेसर के सम्मान में आयोजित एक समारोह के दौरान इस केंद्र की स्थापना की घोषणा की थी। समारोह में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस का भी उत्सव मनाया गया था। घोषणा के एक सप्ताह बाद 3 अक्टूबर को पोर्ट ऑफ स्पेन में 50 दिवसीय जयपुर फुट शिविर प्रारंभ किया गया। यह शिविर भारत सरकार द्वारा प्रायोजित था और इसमें 800 से अधिक दिव्यांगजनों को कृत्रिम पैर और अन्य सहायक उपकरण प्रदान किए गए। शिविर के उद्घाटन अवसर पर आयोजित बैठक में भारत के उच्चायुक्त डॉ. प्रदीप सिंह राजपुरोहित, BMVSS के संस्थापक डी.आर. मेहता, जयपुर फुट यूएसए के चेयरमैन प्रेम भंडारी, वाइस चेयरमैन मनीष दद्दा, वाइस प्रेसिडेंट अजय पटेल, अमित अलघ और डॉ. सोना रामदाथ जूनियर उपस्थित रहे। बैठक में निर्णय लिया गया कि जयपुर फुट यूएसए प्रारंभिक दो वर्षों तक केंद्र के संचालन, प्रशिक्षण, मशीनरी तथा आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने में सहयोग करेगा। कमला प्रसाद बिसेसर बोलीं- “वादा किया और वादा निभाया” प्रधानमंत्री कमला प्रसाद-बिसेसर ने उद्घाटन समारोह में जयपुर फुट यूएसए की सराहना करते हुए कहा कि संस्था ने “Promise Made and Promise Kept” अर्थात “वादा किया और वादा निभाया” को वास्तविक रूप दिया है। त्रिनिदाद एवं टोबैगो के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. लेकराम बोडोए ने कहा कि यह केंद्र पूरे कैरेबियन क्षेत्र के दिव्यांगजनों के लिए नई आशा और सम्मान लेकर आया है। डॉ. एस. जयशंकर बोले- जयपुर फुट केवल एक तकनीक नहीं बल्कि सेवा की संस्कृति विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने अपने संबोधन में कहा कि जयपुर फुट केवल एक तकनीक नहीं बल्कि एक मानवीय अनुभव और सेवा की संस्कृति है, जिसने विश्वभर में लाखों लोगों के जीवन को नई दिशा दी है। जयपुर फुट यूएसए के चेयरमैन प्रेम भंडारी ने कहा कि प्रधानमंत्री कमला प्रसाद-बिसेसर और उनकी सरकार के सहयोग से रिकॉर्ड समय में यह सपना साकार हुआ। उन्होंने कहा कि यह केंद्र कैरेबियन क्षेत्र के दिव्यांगजनों को नई गतिशीलता और आत्मविश्वास प्रदान करेगा।
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