राजधानी पटना में बुधवार शाम लोगों को अलग माहौल देखने को मिलेगा। शहर के कई इलाकों में अचानक सायरन बजेगा, लाइटें बंद होंगी और प्रशासनिक टीमें एक्टिव नजर आएंगी। हालांकि, घबराने की कोई जरूरत नहीं है, क्योंकि प्रशासन ने साफ किया है कि यह किसी वास्तविक खतरे की स्थिति नहीं बल्कि, सिविल डिफेंस का बड़ा मॉकड्रिल और ब्लैकआउट अभ्यास होगा। जिला प्रशासन के अनुसार, यह अभ्यास आपदा और हवाई हमला जैसी आपात स्थिति में तैयारियों को परखने के लिए किया जा रहा है। पूरे शहरी इलाके में एक साथ यह अभ्यास कर प्रशासन की तैयारियों को परखा जाएगा। आज होगी टेबल-टॉप एक्सरसाइज मुख्य मॉकड्रिल से पहले बुधवार को पटना समाहरणालय में टेबल-टॉप एक्सरसाइज आयोजित की जाएगी। इसमें हवाई हमले जैसी स्थिति में विभिन्न विभागों की भूमिका और त्वरित प्रतिक्रिया का पूर्वाभ्यास किया जाएगा। अधिकारियों को आपसी समन्वय और त्वरित कार्रवाई को लेकर दिशा-निर्देश दिए गए हैं। शाम 7 बजे से 15 मिनट तक रहेगा ब्लैकआउट जिला प्रशासन के अनुसार 14 मई (गुरुवार) को शाम 7 बजे से 7:15 बजे तक पटना के शहरी क्षेत्रों में सिविल डिफेंस ब्लैकआउट किया जाएगा। जैसे ही सायरन बजेगा, लोगों को अपने घरों, दुकानों, कार्यालयों और प्रतिष्ठानों की लाइट बंद करनी होगी। प्रशासन ने लोगों से सहयोग करने और इसे गंभीरता से लेने की अपील की है। किन-किन इलाकों में होगा अभ्यास यह मॉकड्रिल सिर्फ पटना नगर निगम क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगा। इसके अलावा दानापुर निजामत, खगौल और फुलवारीशरीफ नगर परिषद क्षेत्रों में भी ब्लैकआउट और हवाई हमलों को लेकर मॉक अभ्यास किया जाएगा। आम लोगों के लिए जरूरी निर्देश मॉकड्रिल के दौरान लोगों को कुछ जरूरी सावधानियां बरतनी होंगी— जिलाधिकारी ने कहा है कि, ‘लोग पैनिक बिल्कुल न हों। यह केवल एक पूर्व निर्धारित अभ्यास है, ताकि किसी वास्तविक आपदा की स्थिति में प्रशासन और नागरिक दोनों तैयार रहें।’ सायरन बजते ही शुरू होगा अभ्यास 14 मई को तय समय पर करीब 2 मिनट तक सिविल डिफेंस का सायरन बजेगा। इसे हवाई हमले की चेतावनी के तौर पर इस्तेमाल किया जाएगा। सायरन बजते ही ब्लैकआउट लागू हो जाएगा और विभिन्न एजेंसियां राहत और बचाव कार्यों का अभ्यास शुरू करेंगी। इन जगहों पर होगा बड़ा सिमुलेशन मॉकड्रिल के लिए पटना में कई महत्वपूर्ण जगहों को सिमुलेशन साइट बनाया गया है। इनमें पटना समाहरणालय, बिस्कोमान भवन, बांकीपुर बस स्टैंड, आईजीआईएमएस शामिल हैं। यहां हवाई हमले जैसी काल्पनिक स्थिति तैयार कर राहत और बचाव कार्यों का अभ्यास किया जाएगा। प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पूरी गतिविधियों की निगरानी करेंगे। 6 बड़े सीनारियो पर होगी तैयारी प्रशासन ने इस बार मॉकड्रिल को छह प्रमुख सीनारियो में बांटा है- इन सभी परिस्थितियों में अलग-अलग विभागों की प्रतिक्रिया और कार्यक्षमता की जांच की जाएगी। पुलिस, NDRF और मेडिकल टीम रहेंगी तैनात मॉकड्रिल के दौरान पुलिस, ट्रैफिक पुलिस, फायर ब्रिगेड, एंबुलेंस सेवा, NDRF, SDRF, सिविल डिफेंस, नगर निकाय और स्वास्थ्य विभाग की टीमें पूरी तरह सक्रिय रहेंगी। खासकर ट्रैफिक मैनेजमेंट को लेकर अलग व्यवस्था की जा रही है, ताकि अभ्यास के दौरान लोगों को ज्यादा परेशानी न हो। प्रशासन ने कहा है कि जरूरी सेवाएं, खासकर अस्पताल, सामान्य रूप से काम करते रहेंगे। हालांकि, अस्पतालों की रोशनी बाहर न दिखे, इसके लिए विशेष व्यवस्था की जाएगी। अस्पतालों में भी रहेगी विशेष व्यवस्था प्रशासन ने कहा है कि ब्लैकआउट का असर जरूरी सेवाओं पर नहीं पड़ेगा। अस्पताल सामान्य रूप से काम करते रहेंगे। हालांकि अस्पतालों में रोशनी बाहर न दिखाई दे, इसके लिए खिड़कियों पर क्यूबिकल पर्दे और प्राइवेसी कर्टेन लगाए जाएंगे। जरूरत पड़ने पर यहां करें संपर्क मॉकड्रिल के दौरान जिला प्रशासन का कंट्रोल रूम सक्रिय रहेगा। किसी भी सहायता के लिए लोग इन नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं- जिला आपातकालीन संचालन केंद्र: 0612-2210118 जिला नियंत्रण कक्ष: 0612-2219810 / 2219234 इमरजेंसी हेल्पलाइन: 112
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