नीमकाथाना क्षेत्र में एक खान का बड़ा हिस्सा अचानक भरभराकर ढह गया। खान धंसने के साथ ही वहां मौजूद एल एंड टी मशीनें और डंपर भी मलबे की चपेट में आ गए। शुरुआती जानकारी में पांच मजदूरों के दबने की बात सामने आई थी। प्रशासन, पुलिस और स्थानीय ग्रामीणों की मदद से अब तक चार मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, जबकि एक मजदूर अभी भी मलबे में फंसा हुआ बताया जा रहा है। उसकी मौत की आशंका जताई जा रही है। घटना गुरुवार रात करीब 8 बजे, मोकलवास पंचायत के झरिंडा गांव स्थित खनन क्षेत्र में हुई। दो डंपर और मशीन ऑपरेटर भी हादसे की चपेट में आए हादसे में दो डंपर और दो मशीन ऑपरेटर भी प्रभावित हुए हैं। घायल मजदूरों की पहचान दीपावास निवासी दशरथ सिंह, विक्रम सिंह, चैन सिंह और भगत सिंह के रूप में हुई है। सभी घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए कोटपूतली रेफर किया गया है। घटना की सूचना मिलते ही नीमकाथाना डिप्टी, सदर थाना पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू करवाया। घटनास्थल पर बड़ी संख्या में ग्रामीण भी जमा हो गए और रेस्क्यू टीम की मदद में जुटे रहे। रात के अंधेरे में रेस्क्यू ऑपरेशन में आई मुश्किलें हादसे के बाद राहत एवं बचाव अभियान में रात का अंधेरा बड़ी चुनौती बन गया। शुरुआती दौर में मौके पर पर्याप्त रोशनी नहीं होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन धीमी गति से चला। बाद में प्रशासन ने अतिरिक्त लाइट की व्यवस्था कर बचाव कार्य को तेज किया। एसीएम महिपाल सिंह राजावत, डीएसपी सुशील मान और सदर थाना अधिकारी राजेश डूडी मौके पर मौजूद रहकर पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन की निगरानी कर रहे हैं। प्रशासन की टीम लगातार मलबा हटाने और फंसे लोगों को बाहर निकालने के प्रयास में जुटी हुई है। खनन क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल हादसे के बाद खनन क्षेत्र में सुरक्षा मानकों को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि खान में सुरक्षा इंतजाम पर्याप्त नहीं थे। फिलहाल पुलिस और प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटे हुए हैं। खान संचालक का नाम अनिल अग्रवाल बताया जा रहा है।
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