बज्जू उपखंड मुख्यालय से लगभग 20 किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत ग्रांधी की रोही स्थित खेत में तीन सगी बहनों की डिग्गी में डूबने से मौत हो गई। यह घटना नख़्तबन्ना सब माइनर की टेल पर हुई। तीनों बहनें खेत में कृषि कार्य, पशुओं को पानी पिलाने और कपड़े धोने के लिए पानी की डिग्गी पर गई थीं। परिवार खेती करता है ग्रांधी निवासी किसान खेताराम मेघवाल की बेटियां धापू, सुशीला और अनु गुरुवार दोपहर पड़ोसी पुनाराम मेघवाल की डिग्गी पर गई थीं। खेताराम का परिवार नख्तबन्ना सब माइनर के टेल क्षेत्र में खेती करता है। उनकी कुल आठ संतानें हैं, जिनमें सात बेटियां और एक बेटा शामिल है। तीन घंटे की तलाश के बाद शव बरामद बेटियों ने परिजनों को बताया था कि वे डिग्गी पर काम खत्म कर एक रिश्तेदार की ढाणी जाएंगी। बड़ी बेटी धापू को अपने पिता खेताराम के साथ बीकानेर भी जाना था। जब बेटियों के लौटने में देरी हुई, तो पिता खेताराम ने रिश्तेदार के घर फोन किया। वहां पता चला कि तीनों में से कोई भी बेटी नहीं पहुंची थी। इस पर पिता खेताराम परिवार के साथ डिग्गी पर पहुंचे। उन्हें किसी अनहोनी की आशंका हुई और उन्होंने अन्य ग्रामीणों को मौके पर बुलाया। लगभग तीन घंटे की तलाश के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने डिग्गी को तुड़वाकर तीनों बहनों के शव बाहर निकाले। जेसीबी और तैराकों की मदद से चला राहत कार्य घटना की सूचना फैलते ही आसपास के ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर जमा हो गए। स्थानीय तैराकों को अंदर उतारा गया, जिन्होंने 2 लड़कियों के शव बरामद कर लिए। लेकिन काफ़ी मशकत के बाद भी एक शव नहीं मिलने पर पुलिस ने डिग्गी को जेसीबी से तोड़ा कर तीसरे शव को बरामद किया। तीनों शवों को बज्जू उपजिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया, जहां शुक्रवार को पोस्टमार्टम किया जाएगा। विवाहित तीन दिन पहले ही आई थी पीहर मृतकाओं में धापू पत्नी सुरजाराम विवाहित थी और तीन दिन पहले ही अपने ससुराल लुणा से पीहर आई थी। उसके एक बेटा और बेटी है।
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