नवा रायपुर स्थित भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (IIIT) में बुधवार को अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए AI और डिजिटल तकनीक पर ट्रेनिंग कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसका आयोजन सुशासन-अभिसरण विभाग ने किया। ट्रेनिंग में सामान्य प्रशासन विभाग के 100 से ज्
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कार्यक्रम का मकसद सरकारी कर्मचारियों को नई डिजिटल तकनीकों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के उपयोग के बारे में जानकारी देना था, ताकि सरकारी कामकाज को ज्यादा तेज, आसान और बेहतर बनाया जा सके।
फाइल बनाने से लेकर फैसले लेने तक की दी जानकारी
ट्रेनिंग में अधिकारियों को बताया गया कि AI और डिजिटल टूल्स की मदद से फाइल तैयार करना, जानकारी को छोटा और आसान बनाना, दस्तावेज लिखना और जल्दी फैसले लेना आसान हो सकता है। इससे काम की गुणवत्ता और गति दोनों बढ़ सकती है।
डायरेक्टर बोले- AI इंसानों की मदद करने वाला टूल
कार्यक्रम में ट्रिपल आईटी के डायरेक्टर डॉ. ओपी व्यास ने अधिकारियों को जनरेटिव AI के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि AI इंसानों की जगह लेने के लिए नहीं, बल्कि उनके काम को आसान और व्यवस्थित बनाने के लिए है।
अधिकारियों ने खुद इस्तेमाल करके सीखे AI टूल्स
ट्रेनिंग का सबसे खास हिस्सा प्रैक्टिकल सत्र रहा। इसमें अधिकारियों ने विशेषज्ञों की मदद से खुद AI टूल्स का इस्तेमाल किया। उन्हें बताया गया कि सरकारी कामों में AI का उपयोग कैसे किया जा सकता है। इससे अधिकारियों का नई तकनीक को लेकर आत्मविश्वास भी बढ़ा।
AI इस्तेमाल करते समय सावधानी रखने की सलाह
ट्रेनिंग में यह भी बताया गया कि AI उपयोगी तकनीक है, लेकिन यह हमेशा पूरी तरह सही नहीं होती। इसलिए AI से मिली जानकारी को जांचना और समझदारी से उसका उपयोग करना जरूरी है।
इन विशेषज्ञों ने दी ट्रेनिंग
कार्यक्रम को सफल बनाने में ट्रिपल आईटी के डीन केजी श्रीनिवास सहित प्रशिक्षक आकांक्षा शर्मा, प्रेमा पटेल, गौरव शर्मा, डॉ. शैलेंद्र मिश्रा और उपेंद्र अग्रवाल की अहम भूमिका रही। विभाग ने आगे भी ऐसे ट्रेनिंग कार्यक्रम आयोजित करने की बात कही है।
