कांगड़ा नगर परिषद चुनाव के लिए शुक्रवार को प्रचार अभियान थम गया। अब रविवार को होने वाले मतदान के लिए सभी की नजरें टिकी हैं। प्रचार के आखिरी दिन भाजपा उम्मीदवारों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी और कांग्रेस के दिग्गज नेताओं—स्कूल शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा और एचआरटीसी उपाध्यक्ष अजय वर्मा—पर तीखे हमले किए। भाजपा प्रत्याशियों ने दोनों नेताओं को कांगड़ा शहर के विकास का सबसे बड़ा रोड़ा बताया है। रविवार को होने वाला यह मुकाबला अब शहर के भविष्य और राजनीतिक साख की लड़ाई बन गया है। भाजपा प्रत्याशी राखी शर्मा, नीता, आशुतोष, अनुराधा, रीटा, सुधा त्रिवेदी, शुभम और रितेश सोनी ने एक संयुक्त बयान में कांग्रेस नेताओं की पृष्ठभूमि पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि डॉ. राजेश शर्मा और अजय वर्मा के मूल निवास ग्रामीण क्षेत्रों (हलेड़कलां और हलेड़ खुर्द पंचायत) में हैं।
भाजपा प्रत्याशियों ने जनता से पूछा कि जो नेता स्वयं ग्रामीण क्षेत्रों से आते हैं, उन्हें शहरवासियों के हाउस टैक्स और शहरी समस्याओं का दर्द कैसे पता होगा? उन्होंने दावा किया कि ये नेता केवल चुनाव के समय ही शहर का रुख करते हैं।
साढ़े तीन दशकों के ‘कब्जे’ और परिवारवाद पर निशाना भाजपा उम्मीदवारों ने हैरानी जताते हुए कहा कि पिछले लगभग 35 वर्षों से कांगड़ा नगर परिषद पर इन्हीं दो परिवारों का कब्जा रहा है। आरोप लगाया गया कि इन नेताओं ने अपने परिवार के सदस्यों को अलग-अलग वार्डों से चुनाव लड़ाकर शहर की सत्ता को सीमित रखा और केवल अपने निजी स्वार्थ सिद्ध किए। भाजपा ने सवाल उठाया कि जो पार्षद 30 साल तक अपने ही वार्ड में कोई उल्लेखनीय विकास नहीं करवा पाए, वे अब शहर की तस्वीर बदलने का ढोंग कैसे कर सकते हैं?
विधायक पवन काजल की पहल: युवा और शिक्षित टीम पर दांव भाजपा ने इस चुनाव को ‘बदलाव की लहर’ करार दिया है। प्रत्याशियों ने कहा कि विधायक पवन काजल ने पहली बार शहर को परिवारवाद के चंगुल से छुड़ाने के लिए शिक्षित और युवा उम्मीदवारों की एक मजबूत टीम मैदान में उतारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि लंबे समय तक देहरा की राजनीति में सक्रिय रहे डॉ. राजेश शर्मा को अब चुनाव के समय अचानक कांगड़ा की याद आई है। भाजपा ने मतदाताओं से अपील की कि वे उन उम्मीदवारों को बाहर का रास्ता दिखाएं जो अपना वार्ड छोड़कर दूसरे वार्ड से चुनाव लड़ रहे हैं। डॉ. राजेश शर्मा का पलटवार: सात समर्थकों के लिए मांगा समर्थन दूसरी ओर, आरोपों के बीच स्कूल शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा ने भी शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपना पक्ष रखा। उन्होंने शहरवासियों से अपने समर्थक सात उम्मीदवारों को भारी मतों से विजयी बनाने की अपील की। डॉ. शर्मा ने शहर के नियोजित विकास और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार को लेकर कई वादे भी किए। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि कांगड़ा की जनता दशकों पुराने चेहरों पर फिर से भरोसा जताती है या भाजपा की ‘बदलाव’ की अपील रंग लाती है।
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