सीधी जिले की जनपद पंचायत सिहावल अंतर्गत ग्राम पंचायत कुनझुन कला के सचिव पर गंभीर आरोप लगे हैं। ग्रामीणों ने दावा किया है कि शासकीय कार्यों के लिए उनसे पैसे मांगे जाते हैं। उमरिया टोला के प्रजापत मोहल्ले की महिलाओं और अन्य ग्रामीणों ने शुक्रवार दोपहर करीब 1 बजे एसडीएम सिहावल से इसकी शिकायत की है। ग्रामीणों के अनुसार, समग्र आईडी में नाम जोड़ने, नाम अलग करने, कर्मकार कार्ड बनवाने और राशन कार्ड में नाम जुड़वाने जैसे कार्यों के लिए सचिव अशोक गौतम द्वारा रिश्वत की मांग की जाती है। महेश प्रजापति ने बताया कि उनकी बहू का नाम समग्र आईडी में जोड़ने के लिए सचिव ने 700 रुपए मांगे थे। आरोप है कि पैसे न देने पर उनका काम लगभग 6 महीने तक अटका रहा। सुनीता प्रजापति ने भी इसी तरह के आरोप लगाए। उन्होंने बताया कि समग्र आईडी से नाम अलग करवाने के लिए उनसे 500 रुपए लिए गए। बच्चों के नाम जोड़ने के लिए 200-200 रुपए और राशन कार्ड कूपन में नाम जुड़वाने के लिए 500 रुपए की मांग की गई। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि पंचायत से संबंधित अधिकांश कार्य ग्राम मायापुर में स्थित एक कंप्यूटर दुकान के माध्यम से कराए जाते हैं, जहां सचिव के निर्देश पर पैसे देने पड़ते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी योजनाएं और दस्तावेज संबंधी कार्य, जो नियमानुसार निःशुल्क होने चाहिए, उनके लिए भी पैसे लिए जा रहे हैं। इससे गरीब और जरूरतमंद परिवारों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सचिव ने आरोप नकारे जब पंचायत सचिव अशोक गौतम से इस संबंध में बात की गई, तो उन्होंने सभी आरोपों को निराधार बताया। उनका कहना है कि पंचायत में शासन की सभी योजनाओं का लाभ निःशुल्क प्रदान किया जाता है और उन पर लगाए गए आरोप पूरी तरह से गलत हैं। मामले की जांच कराएंगे एसडीएम सिहावल राजेश शुक्ला ने बताया कि उन्हें इस मामले की जानकारी मिली है। उन्होंने आश्वासन दिया कि पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी और जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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