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छत्तीसगढ़ में मिला भाजपा नेता की मौत का कनेक्शन: सफेद स्कॉर्पियो खोलेगी राज, टोल प्लाजा CCTV से पहचान – Shahdol News

छत्तीसगढ़ में मिला भाजपा नेता की मौत का कनेक्शन:  सफेद स्कॉर्पियो खोलेगी राज, टोल प्लाजा CCTV से पहचान – Shahdol News


शहडोल के ब्यौहारी थाना क्षेत्र में भाजपा नेता राहुल द्विवेदी और अतुल तिवारी की सड़क हादसे में मौत के मामले में पुलिस ने संदिग्घ वाहन का पता लगा लिया है। जांच में सामने आया है कि इस हादसे को एक सफेद स्कॉर्पियो ने अंजाम दिया था, जिसे सीसीटीवी फुटेज के

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यह घटना 10 मई की सुबह हुई थी, जब ब्यौहारी क्षेत्र में सड़क किनारे राहुल द्विवेदी और अतुल तिवारी के शव मिले थे। दोनों एक शादी समारोह से बाइक पर घर लौट रहे थे। प्रारंभिक आशंका थी कि किसी अज्ञात तेज रफ्तार वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी थी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।

घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने टिहकी में चक्का जाम कर हत्या की आशंका जताई थी। इस विरोध के बाद दोनों शवों का दोबारा पोस्टमार्टम मेडिकल कॉलेज में कराया गया था। परिजनों ने एसपी को ज्ञापन भी सौंपा था।

सफेद स्कॉर्पियो क्रमांक CG 04 LF 3043 के रूप में हुई।

सफेद स्कॉर्पियो क्रमांक CG 04 LF 3043 के रूप में हुई।

छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले तक पहुंची

ब्यौहारी पुलिस ने लगातार जांच जारी रखी। पुलिस ने रीवा से शहडोल तक के टोल नाकों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। इन फुटेज के आधार पर संदिग्ध वाहन की पहचान सफेद स्कॉर्पियो क्रमांक CG 04 LF 3043 के रूप में हुई। फुटेज में यह वाहन हादसे के समय घटनास्थल से गुजरता हुआ दिखाई दिया था।

वाहन नंबर के आधार पर पुलिस छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले तक पहुंची, जहां स्कॉर्पियो वाहन को ट्रेस किया गया। जांच के दौरान वाहन का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त मिला, जिससे हादसे में उसकी संलिप्तता की पुष्टि हुई।

थाना प्रभारी जिया उल हक ने बताया कि वाहन मालिक ने पूछताछ में बताया है कि वह परिवार के साथ इलाहाबाद से छत्तीसगढ़ लौट रहा था, तभी अचानक बाइक सवार वाहन के सामने आ गए और दुर्घटना हो गई। फिलहाल, पुलिस पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रही है।

क्या है पूरा मामला…

शहडोल जिले के ब्यौहारी थाना क्षेत्र में भाजपा युवा नेता राहुल दुबे और उनके दोस्त अतुल तिवारी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। रविवार सुबह जोरा पुल के पास दोनों युवकों के शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया था। पुलिस ने शुरुआती जांच में इसे सड़क हादसा बताया था।

हालांकि, परिजनों और ग्रामीणों ने पुलिस की इस थ्योरी को मानने से इनकार कर दिया। उन्होंने हत्या की आशंका जताते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। परिजनों का आरोप था कि यह सामान्य सड़क हादसा नहीं, बल्कि सुनियोजित हत्या हो सकती है।

अंतिम विदाई देते पार्टी कार्यकर्ता।

अंतिम विदाई देते पार्टी कार्यकर्ता।

पुलिस ने पहले ब्यौहारी अस्पताल में दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराया था। इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए। लेकिन घर पहुंचते ही माहौल तनावपूर्ण हो गया और ग्रामीणों व समर्थकों ने टिहकी गांव के पास शहडोल-रीवा हाईवे पर चक्का जाम कर दिया।

करीब तीन घंटे तक चले प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारी दोबारा पोस्टमार्टम कराने और निष्पक्ष जांच की मांग पर अड़े रहे। स्थिति बिगड़ती देख प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने मामले की हर एंगल से जांच का आश्वासन दिया।

अंतिम संस्कार में जुटे रहवासी।

अंतिम संस्कार में जुटे रहवासी।

अधिकारियों के आश्वासन के बाद सहमति बनी और रविवार रात दोनों शवों को मेडिकल कॉलेज भेजा गया। मेडिकल कॉलेज में फॉरेंसिक विशेषज्ञों और डॉक्टरों की टीम ने देर रात दोबारा पोस्टमार्टम किया। यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद रात करीब 12 बजे शव ब्यौहारी पहुंचे।

सोमवार सुबह भारी संख्या में लोगों की मौजूदगी में राहुल दुबे और अतुल तिवारी का अंतिम संस्कार किया गया। पुलिस फिलहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों पर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। क्षेत्र में घटना को लेकर अब भी चर्चा और आक्रोश का माहौल बना हुआ है।



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