केंद्र सरकार द्वारा 28 फरवरी को शुरू किए गए एचपीवी टीकाकरण कार्यक्रम के तहत पानीपत जिले के नौल्था में अभियान चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य 14 से 15 वर्ष की किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाना है। सीएचसी नौल्था के डॉक्टरों की टीम ने पहले स्थानीय स्कूलों का दौरा किया। इसके बाद, सीएचसी सेंटर पर क्षेत्र के सभी प्रैक्टिशनर डॉक्टरों और मेडिकल स्टोर संचालकों की एक बैठक बुलाई गई, जिसमें टीकाकरण के बारे में जानकारी दी गई और सहयोग मांगा गया। संक्रमण महिलाओं के प्रजनन तंत्र को प्रभावित करता बैठक में डॉ. दिनेश बिंद्रा ने बताया कि एचपीवी एक सामान्य संक्रमण है जो महिलाओं के प्रजनन तंत्र को प्रभावित करता है। इसे गर्भाशय के निचले भाग के कैंसर का मुख्य कारण माना गया है। भारत में इस कैंसर से बचाव का एकमात्र उपाय टीकाकरण है। विश्व के 160 देशों में चलाया जा रहा कार्यक्रम उन्होंने जानकारी दी कि यह कार्यक्रम विश्व के 160 देशों में सफलतापूर्वक चलाया जा रहा है। इस टीके के दुष्प्रभाव बहुत कम और हल्के होते हैं और इसकी एक ही खुराक इस बीमारी से बचाव में प्रभावी है। डॉ. बिंद्रा ने यह भी बताया कि जहां प्राइवेट अस्पतालों में यह टीका महंगा होता है, वहीं सरकारी कार्यक्रम के तहत सभी पात्र किशोरियों को यह निःशुल्क लगाया जा रहा है। टीकाकरण के लिए किशोरियों को स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से टीकाकरण स्थलों तक लाया जाएगा। इसमें शिक्षकों और फ्रंटलाइन स्वास्थ्य कर्मियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। ये रहे मौके पर मौजूद इस अवसर पर डॉ. दिनेश बिंद्रा, एएनएम पिंकी देवी, एमपीएचडब्ल्यू डॉ. जगबीर सिंह, डॉ. पवन कुमार, डॉ. अनिल कुमार सहित आसपास के प्राइवेट प्रैक्टिशनर और केमिस्ट बैठक में मौजूद रहे। एक प्राइवेट स्कूल संचालक ने इस बात पर जोर दिया कि अभिभावकों की सहमति इस अभियान की सफलता के लिए आवश्यक है।
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