भरतपुर जिले के नदबई थाना क्षेत्र से मजदूरों के साथ कथित अमानवीय व्यवहार का मामला सामने आया है। आरोप है कि ईंट भट्ठे पर काम करने वाले मजदूरों ने जब अपनी मेहनत की मजदूरी मांगी तो ठेकेदार ने अपने साथियों के साथ मिलकर उनके साथ बेरहमी से मारपीट की। इतना ही नहीं, पुलिस से मदद नहीं मिलने पर घायल और परेशान मजदूरों को नदबई से भरतपुर तक पैदल सफर तय कर जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचना पड़ा। उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के गांव बछ निवासी करन सिंह ने पुलिस को बताया- वह अपने परिवार सहित नदबई थाना क्षेत्र के गांव रायसीस स्थित एक ईंट भट्ठे पर पिछले करीब सात महीनों से मजदूरी कर रहे हैं। मजदूरों का आरोप है कि उनकी करीब 20 हजार रुपये की मजदूरी अब भी बकाया है। राशन के लिए मांगे पैसे तो भड़क गया ठेकेदार पीड़ित मजदूरों के मुताबिक, घर में राशन खत्म होने के बाद उन्होंने ठेकेदार रतिराम से अपनी मजदूरी में से कुछ पैसे मांगे थे, ताकि परिवार का खर्च चलाया जा सके। आरोप है कि मजदूरी मांगते ही ठेकेदार गुस्से में आ गया और अपने साथियों के साथ मिलकर मजदूरों पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। मजदूरों का कहना है कि मारपीट में कई लोगों को गंभीर चोटें आई हैं। पीड़ितों ने आरोप लगाया कि ठेकेदार ने साफ तौर पर कह दिया कि काम पूरा होने से पहले एक रुपया भी नहीं दिया जाएगा। वहीं जब मजदूरों ने पुलिस में शिकायत करने की बात कही तो उन्हें जान से मारने की धमकी देकर वहां से भगा दिया गया। नदबई थाने में नहीं हुई सुनवाई का आरोप घटना के बाद मजदूर न्याय की उम्मीद लेकर नदबई थाने पहुंचे, लेकिन उनका आरोप है कि वहां उनकी शिकायत पर कोई सुनवाई नहीं हुई। मजदूरों का कहना है कि पुलिस ने उन्हें टाल दिया और मामले में तत्काल कार्रवाई नहीं की गई। जेब में किराए तक के पैसे नहीं, पैदल पहुंचे एसपी कार्यालय पीड़ित मजदूरों के पास भरतपुर आने तक के पैसे नहीं थे। ऐसे में घायल और परेशान मजदूर मजबूरी में नदबई से भरतपुर स्थित जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय तक पैदल ही रवाना हुए। कई किलोमीटर पैदल चलकर एसपी कार्यालय पहुंचे मजदूरों ने अपनी आपबीती सुनाई और ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। इस पूरे मामले में पुलिस का कहना है कि मजदूरों की शिकायत प्राप्त हो चुकी है और मामले की जांच की जा रही है। पुलिस के अनुसार, जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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