मुख्य बातें

लगातार 5वीं हार के बाद संकट में पंजाब किंग्स: कोच हेडिन ने कहा-दबाव झेलने में नाकाम रही टीम, अब हर मैच फाइनल – Dharamshala News

लगातार 5वीं हार के बाद संकट में पंजाब किंग्स:  कोच हेडिन ने कहा-दबाव झेलने में नाकाम रही टीम, अब हर मैच फाइनल – Dharamshala News

इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के 2026 सीजन में पंजाब किंग्स की राह बेहद मुश्किल हो गई है। धर्मशाला में मिली लगातार पांचवीं हार के बाद टीम के असिस्टेंट कोच ब्रैड हेडिन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्वीकार किया कि निर्णायक मौकों पर दबाव न झेल पाना टीम की विफलता का सबसे बड़ा कारण रहा है। इस हार के साथ ही पंजाब के लिए प्ले-ऑफ की राह अब पूरी तरह ‘करो या मरो’ की स्थिति में पहुँच गई है। ब्रैड हेडिन ने कहा कि टूर्नामेंट की शुरुआत में टीम ने जिस आत्मविश्वास का परिचय दिया था, पिछले पाँच मैचों में उसकी भारी कमी देखी गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब भविष्य के समीकरणों या पिछले नतीजों पर सोचने का समय नहीं बचा है। टीम को अगर प्ले-ऑफ की उम्मीदें जिंदा रखनी हैं, तो उसे अपने अंतिम दोनों मुकाबलों में हर हाल में जीत दर्ज करनी होगी। ड्रेसिंग रूम का माहौल और बाहरी शोर मैदान के बाहर चल रहे विवादों और सोशल मीडिया पर उड़ रही अफवाहों को लेकर हेडिन ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि मैं खुद सोशल मीडिया से दूर रहता हूँ, इसलिए मुझे बाहरी चर्चाओं की जानकारी नहीं है। पेशेवर क्रिकेट में बाहरी शोर हमेशा रहता है, लेकिन हमारे ड्रेसिंग रूम का माहौल सकारात्मक है। एक सफल खिलाड़ी वही है जो इन परिस्थितियों से खुद को अलग रखकर मानसिक रूप से मजबूत बना रहे।” बदलता क्रिकेट ट्रेंड और खराब फील्डिंग हेडिन ने आधुनिक टी20 क्रिकेट के बदलते स्वरूप पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि अब 200+ का स्कोर भी सुरक्षित नहीं रह गया है क्योंकि बल्लेबाजों की पावर-हिटिंग ने गेंदबाजों के लिए नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। इसके अलावा, उन्होंने पूरी लीग में गिरते फील्डिंग स्तर पर चिंता जताते हुए कहा कि यह केवल पंजाब की नहीं बल्कि सभी टीमों की समस्या बनी हुई है। वापसी का एकमात्र रास्ता: छोटी प्रक्रियाओं पर ध्यान खराब फॉर्म से जूझ रहे खिलाड़ियों को सलाह देते हुए हेडिन ने कहा कि जब परिणाम पक्ष में न हों, तो नतीजों के दबाव में आने के बजाय अपनी छोटी-छोटी प्रक्रियाओं (Processes) और मूल कौशल पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने भरोसा जताया कि टीम प्रबंधन और खिलाड़ी अपनी स्किल्स का बेहतर इस्तेमाल करेंगे और अंतिम दो मैचों में सर्वश्रेष्ठ क्रिकेट खेलकर वापसी की पूरी कोशिश करेंगे।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *