छत्तीसगढ़ की रायगढ़ पुलिस ने गोवा में दबिश देकर ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा संचालित करने वाले 6 बड़े सट्टा संचालकों को गिरफ्तार किया है। मामले में हवाला लेनदेन, डिजिटल बेटिंग आईडी और करोड़ों रुपए के ऑनलाइन ट्रांजेक्शन से जुड़े सुराग मिले हैं।
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आरोपियों के मध्य भारत के चर्चित सट्टा नेटवर्क संचालक “मन्नू नथानी” गिरोह से जुड़े थे। आरोपी ऊपर से बेटिंग आईडी लेकर नीचे एजेंटों और प्लेयर्स तक पहुंचाते थे और हर लेनदेन पर कमीशन लेते थे। वे हवाला के जरिए भी पैसों का लेनदेन करते थे।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों के पास दुबई से बेटिंग आईडी आती थी। इसके बाद आईडी दूसरों तक पहुंचाई जाती थी। इसके अलावा आरोपी 7 सेकेंड पहले ही मैच देखकर सट्टे के रेट अपडेट करते थे। मामला कोतवाली थाना क्षेत्र का है।
सभी आरोपी गोवा में बैठकर सट्टा संचालित कर रहे थे।
पहली गिरफ्तारी में हवाला नेटवर्क और सट्टा सिंडिकेट के मिले सुराग
दरअसल, कोतवाली थाने में दर्ज ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा मामले में पहले करन चौधरी उर्फ करन अग्रवाल, पुष्कर अग्रवाल और सुनील अग्रवाल की गिरफ्तारी हुई थी। पूछताछ के दौरान हवाला नेटवर्क और बड़े सट्टा सिंडिकेट से जुड़े अहम इनपुट मिले।
इसके बाद साइबर थाना और कोतवाली थाना पुलिस ने तकनीकी जांच शुरू की। जांच में रायगढ़, रायपुर, सक्ती और खरसिया से जुड़े नेटवर्क के तार गोवा तक पहुंचे। कैंडोलिम बीच क्षेत्र में किराए के विला में दबिश दी गई।
मोबाइल और दस्तावेज नष्ट करने की कोशिश
इस दौरान अमित मित्तल (30), मोहित सोमानी (38), प्रकाश वाधवानी (28), आकाश मोटवानी (28), राहुल खंडेलवाल उर्फ बाबू (31) और सुलभ खंडेलवाल उर्फ छोटा बाबू (26) ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा संचालित करते मिले।
पुलिस कार्रवाई की भनक लगते ही आरोपी मोबाइल और दस्तावेज नष्ट करने की कोशिश कर रहे थे। मौके से 10 मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी तीन अलग-अलग तरीकों से आईपीएल क्रिकेट मैचों में सट्टा संचालित कर रहे थे।

आरोपी 7 सेकेंड पहले ही मैच देखकर सट्टे के रेट अपडेट करते थे। (AI इमेज)
1. अभिनंदन बुक और लाइन सिस्टम
रायपुर से “अभिनंदन बुक/लाइन” के जरिए मैच का भाव लिया जाता था। इसके बाद APK बेस्ड जूम ऐप के माध्यम से नीचे के खाईवालों और प्लेयर्स तक रेट पहुंचाया जाता था।
2. लाइव मैच का एडवांटेज
आरोपी “प्रगति टीवी ऐप” और “स्टार लाइव” जैसे ऐप का इस्तेमाल करते थे। इन ऐप में क्रिकेट मैच का प्रसारण करीब 7 सेकंड पहले दिखता था। इसी फायदा उठाकर आरोपी कॉलिंग ऐप के जरिए तुरंत सट्टे के रेट अपडेट करते थे।
3. बेटिंग आईडी के जरिए सट्टा
महादेव सट्टा एप की तर्ज पर “ऑल पैनल एक्सचेंज”, “ताज 777” और “डायमंड एक्सचेंज” जैसी बेटिंग आईडी उपलब्ध कराकर ऑनलाइन जुआ खिलाया जाता था।
हालांकि, शुरुआती जांच में एक आईपीएल सीजन में करोड़ों रुपए के लेनदेन के संकेत मिले हैं।

आरोपियों के पास दुबई से बेटिंग आईडी आती थी। (फाइल फोटो)
हवाला नेटवर्क का भी खुलासा
पुलिस पूछताछ में यह भी सामने आया कि गैंग हवाला के जरिए पैसों का लेनदेन करता था। मोबाइल में नोटों के सीरियल नंबर शेयर कर बड़ी रकम ट्रांसफर करने के सबूत मिले हैं। इससे पहले गिरफ्तार आरोपियों से 1 करोड़ रुपए से अधिक नकदी भी जब्त की जा चुकी है।
रायगढ़ से रायपुर तक दर्ज हैं कई केस
पुलिस के अनुसार आरोपी अमित मित्तल पर रायगढ़, खरसिया और घरघोड़ा क्षेत्रों में ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा के कई मामले दर्ज हैं। वहीं मोहित सोमानी पर रायपुर के अलग-अलग थानों में सट्टा संचालन से जुड़े केस दर्ज बताए गए हैं। बाकी आरोपी भी लंबे समय से सट्टा नेटवर्क से जुड़े हुए थे।
दुबई से आती थी बेटिंग आईडी
जांच में यह भी सामने आया कि महादेव सट्टा एप की तरह क्रिकेट बेटिंग आईडी दुबई से महानगरों में बैठे बड़े खाईवालों तक पहुंचती थी। इसके बाद नागपुर, रायपुर और मध्य भारत के अन्य शहरों में एजेंटों के जरिए इसे छोटे खाईवालों और प्लेयर्स तक उपलब्ध कराया जाता था।
इस पूरे मामले में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अलग-अलग धाराओं के तहत केस दर्ज कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

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मुख्य आरोपी करन चौधरी समेत 3 आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा केस में मास्टरमाइंड सहित 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। मास्टरमाइंड सट्टे की कमाई को अलग-अलग कारोबारियों के यहां छिपाकर रखता, फिर उसे हवाला चैनल के जरिए आगे ट्रांसफर करता था। पढ़ें पूरी खबर…
