शिक्षामित्रों के बाद प्रदेश भर के अंशकालिक अनुदेशकों को योगी सरकार ने बढ़े हुए मानदेय की सौगात रविवार को दी हैं। लखनऊ स्थित लोकभवन सभागार में आयोजित राज्यस्तरीय सम्मेलन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अंशकालिक अनुदेशकों को सम्मानित किया। साथ ही बढ़े हुए मानदेय का भुगतान किया। अभी तक अनुदेशकों को महज नौ हजार रुपए मानदेय प्रत्येक माह दिया जाता था। लेकिन अब उनके खाते में 17 हजार रुपए मानदेय के रूप में पहुंचेगा। इसी तर्ज पर रविवार को कलेक्ट्रेट सभागार में अनुदेशकों को सम्मानित तथा प्रतीकात्मक चेक देने के लिए कार्यक्रम आयोजित हुआ। चंदौली जनपद के 512 अनदेशकों को मानदेय देने के लिए आमंत्रित किया गया था। इस दौरान एक दर्जन अनुदेशकों को प्रतीकात्मक चेक दिया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राज्य सरकार के आयुष मत्री दयाशंकर मिश्रा शामिल हुए। आपको बता दें कि परिषदीय स्कूलों में 2013 से अनुदेशकों को सात हजार रूपये के मानदेय पर तैनात किया गया था। इसके बाद योगी सरकार ने वर्ष 2022 में उनके मानदेय में दो हजार की बढ़ोत्तरी करके नौ हजार रूपये कर दिया था। लेकिन पिछले महिने सीएम योगी ने शिक्षामित्रों के साथ अनुदेशकों के मानदेय में बढ़ोत्तरी करने का घोषणा कर दिया। उनके मानदेय में आठ हजार रूपये का बढ़ोत्तरी करके 17 हजार रूपए कर दिया गया हैं। कार्यक्रम के दौरान आयुष मंत्री दयाशंकर मिश्रा दयालु ने कहा कि सरकार का शिक्षा पर विशेष फोकस हैं। शिक्षा मित्रों और अनुदेशकों की मांग को देखते हुए उनके मानदेय में वृद्धि की गई हैं। इस दौरान राज्यसभा सांसद साधना सिंह ने सभी अनुदेशकों को मानदेय में बढ़ोत्तरी होने पर बधाई दी। कार्यक्रम में विधायक सुशील सिंह, विधायक रमेश जायसवाल, विधायक कैलाश खरवार, डीएम चंद्रमोहन गर्ग, बीएसए सचिन कुमार, भाजपा जिलाध्यक्ष काशीनाथ सिंह, डा. केएन पांडेय सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
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