पंजाब में संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर 15 मई को चंडीगढ़ में प्रदर्शन कर राज्यपाल को मांग पत्र देने जा रहे किसानों पर आंसू गैस और लाठीचार्ज किया गया। इस घटना के विरोध में ब्लॉक निहाल सिंह वाला के गांवों मल्लेयाणा, बद्धनी और दौधर शरकी में भाजपा और राज्यपाल के पुतले फूंके गए। जिला नेता और ब्लॉक प्रधान बेअंत सिंह मल्लेयाणा तथा ब्लॉक प्रेस सचिव नछत्तर सिंह दौधर शरकी ने बताया कि यह प्रदर्शन भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड में पंजाब की स्थायी सदस्यता समाप्त करने के विरोध में आयोजित किया गया था। किसान चंडीगढ़ स्थित गवर्नर हाउस को मांग पत्र सौंपने जा रहे थे। किसान नेता बोले- सरकार ने बैरिकेड और कंटीली तारें लगाई थीं नेताओं के अनुसार, किसानों को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने बैरिकेड और कंटीली तारें लगाई थीं। जब किसान शांतिपूर्वक आगे बढ़े, तो उन पर लाठीचार्ज किया गया और आंसू गैस के गोले दागे गए। इस कार्रवाई में कई किसान घायल हो गए और उनकी पगड़ियां भी उतर गईं। किसान नेताओं ने केंद्र सरकार के इस रवैये की कड़ी निंदा की। किसान नेताओं ने कहा कि पंजाब के लोगों को अपनी जायज मांगों के लिए चंडीगढ़ में प्रवेश करने से रोकना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने इस व्यवहार की तुलना किसी दूसरे देश से आने वाले लोगों से की।किसानों की प्रमुख मांगों में पूरे साल नहरी पानी को हर खेत और घर तक पहुंचाना शामिल है। वे रिपेरियन सिद्धांत के तहत पानी पर राज्यों के अधिकार सुनिश्चित करने और राज्यों को अधिक अधिकार देने की मांग कर रहे हैं। पंजाब की राजधानी बने चंडीगढ़ इसके अतिरिक्त, किसानों ने चंडीगढ़ को पंजाब की राजधानी के रूप में पंजाब को सौंपने की मांग की, क्योंकि यह पंजाब की भूमि पर बसाया गया था।उन्होंने पंजाब पुनर्गठन एक्ट की धाराएं 78, 79 और 80 को रद्द करने तथा राज्य के साथ हुए सभी गैर-संवैधानिक और भेदभावपूर्ण कानूनी समझौतों एवं अवार्डों को समाप्त करने की भी मांग की। इस मौके ब्लॉक नेता छिंदर सिंह, कमलजीत सिंह, मलकीत सिंह, सिंदर सिंह, बहादुर सिंह पूर्व सदस्य, सुखजिंदर सिंह सुख्खा खालसा, गुलवंत सिंह, जसवंत सिंह, निक्का सिंह, ओंकार सिंह, चंद सिंह, मघर सिंह, गुरदेव सिंह ढालीवाल, ब्लॉक नेता जगदीप सिंह दौधर फोरमैन, केवल सिंह, सुशील कुमार दौधर, बसंत सिंह दौधर आदि उपस्थित रहे।
Source link
