लखनऊ2 मिनट पहले
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लखनऊ में रविवार को परिवर्तन चौक पर विरोध प्रदर्शन।
NEET परीक्षा रद्द होने और पेपर लीक से नाराज
National Students And Youth’s Front (NSYF) ने परिवर्तन चौक से जिला कलेक्टर तक विरोध मार्च निकालने का प्रयास किया, मगर पुलिस कर्मियों ने परिवर्तन चौक पर ही रोक दिया। प्रदर्शनकारी छात्रों ने
NTA ( National Testing Agency) के खिलाफ जमकर नारेबाजी किया।
‘छात्रों के दर्द का अंदाजा नहीं लगाया जा सकता’
प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने NTA को ब्लैक लिस्ट करके मुकदमा दर्ज करने की मांग किया। प्रदर्शन में शामिल अनिल राज कोरी ने कहा कि परीक्षा रद्द होने से और पेपर लीक की वजह से छात्रों का भविष्य खतरे में है। इसके लिए सीधे तौर पर NTA जिम्मेदार है। सरकार और जिम्मेदार अधिकारियों के लिए यह कह देना कि पेपर रद्द करते हैं बहुत आसान है। यह खबर सुनकर छात्रों के ऊपर जो प्रभाव पड़ता है इसका अंदाजा नहीं लगाया जा सकता।
NTA को ब्लैक लिस्ट करने की मांग
अनिल राज ने कहा कि जब NTA सफल और पारदर्शी परीक्षा कराने में विफल है तो उसे बार बार ये जिम्मेदारी क्यों दी जा रही है। पिछली बार पेपर लीक हुआ था तो उस समय NTA को क्यों नहीं ब्लैक लिस्ट किया गया था । दोबारा इस एजेंसी को इतनी बड़ी जिम्मेदारी क्यों सौंपी गई । हमारी मांग है कि तत्काल NTA को बंद किया जाए और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा दे देना चाहिए।
‘छात्र मानसिक तनाव में है’
प्रदर्शनकारी छात्रों ने कहा कि पेपर लीक और परीक्षा रद्द होने से छात्र मानसिक रूप से बीमार हो गए हैं। हम भी एक छात्र हैं और छात्रों का दर्द समझते हैं। पेपर लीक और पेपर रद्द होने से आहत होकर लखीमपुर के एक छात्रा ने आत्महत्या कर ली यह बेहद दुखद मामला है । अब तक 89 बार पेपर लीक हो चुका है। छात्रों के अंदर सहनशक्ति खत्म होती जा रही है आत्मविश्वास टूट रहा है। उन्हें लग रहा है कि भविष्य अंधकार में जा रहा है।

