प्रयागराज में साइबर ठगों ने अभियोजन कार्यालय में तैनात एक पुलिसकर्मी को निशाना बनाते हुए उनके खाते से 90 हजार रुपये उड़ा दिए। उन्होंने वाटर कूलर की मरम्मत के बहाने लिंक भेजकर मोबाइल हैक कर लिया और फिर रुपये उड़ा दिए। पीड़ित की तहरीर पर साइबर क्राइम थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। अभियोजन कार्यालय में हैं तैनात
अभियोजन कार्यालय प्रयागराज में तैनात एचसी अनिल कुमार चौधरी ने अपनी बेटी के लिए आशा एंड कम्पनी से सिम्फनी वाटर कूलर खरीदा था। उन्होंने पुलिस को बताया, कुछ दिन पहले कूलर खराब हो गया तो उन्होंने कम्पनी की ओर से दिए गए बिल और इसके लिफाफे पर लिखे मोबाइल नंबर पर संपर्क किया। कॉल रिसीव करने वाले व्यक्ति ने खुद को कम्पनी का कर्मचारी बताते हुए कहा कि उनका मेकैनिक कुछ देर में संपर्क करेगा।
गारंटी बढ़ाने के नाम पर भेजा लिंक
कुछ देर बाद दूसरे मोबाइल नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले ने बताया कि वाटर कूलर की गारंटी खत्म हो चुकी है और उसे अपडेट करने के लिए उसकी ओर से एक लिंक उन्हें भेजा जा रहा है। लिंक खोलकर अपनी डिटेल भरने को कहा गया। कम्पनी के नंबर पर पहले से बात होने के कारण पुलिसकर्मी को शक नहीं हुआ और उन्होंने लिंक पर क्लिक कर दिया।
लिंक क्लिक करते ही मोबाइल की स्क्रीन ब्लैंक हुई
लिंक खोलते ही मोबाइल की स्क्रीन ब्लैंक हो गई और फोन कुछ समय के लिए हैंग हो गया। थोड़ी देर बाद मोबाइल सामान्य हुआ तो खाते से 90 हजार रुपये उड़ाए जा चुके थे। जिस तरह से यह घटना हुई, उससे आशंका है कि साइबर ठगों ने मोबाइल हैक कर खाते से रकम निकाल ली।
साइबर पोर्टल पर भी की थी शिकायत
पीड़ित ने तत्काल राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। इसके बावजूद रकम वापस नहीं मिली तो उन्होंने साइबर क्राइम थाने में लिखित तहरीर देकर एफआईआर दर्ज कराने की मांग की।
साइबर क्राइम थाने में दर्ज हुई एफआईआर
साइबर क्राइम थाना प्रभारी ओम नारायण गौतम ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस मोबाइल नंबरों, बैंक खाते और भेजे गए लिंक की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि लोगों को किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचना चाहिए और कम्पनी के आधिकारिक नंबर की पुष्टि किए बिना कोई जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए।
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