रेवाड़ी में गैंगस्टर जली अवस्था में मिली गैंगस्टर महेश सैनी की बोलेरो का रहस्य सुलझ नहीं रहा है। 17 दिन बाद सामने आए गैंगस्टर के दोस्त सतपाल ने कहा कि बोलेरो जली नहीं थी, बल्कि जलाई गई थी। जिसकी एसएचओ से एसपी तक आरोपियों के नाम के साथ शिकायत कर चुका है। कार्रवाई तो दूर, जब भी मैं एफआईआर की कॉपी लेने जाता हूं, मुझे वहां घंटों बैठाकर रखा जाता है। कई बार तो शाम तक थाने में बैठाकर रखा जाता है। डीएसपी पवन कुमार ने कहा कि दोनों पक्षों को बुलाकर जांच में शामिल किया। जिसके बाद रिपोर्ट बनाकर थाने में भेज दी थी। शिकायतकर्ता के खिलाफ पहले से 12 केस है। फिर भी रामपुरा पुलिस ने दोनों पक्षों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की है। गली में दोनों तरफ से घेरा गांव हुसैनपुर निवासी सतपाल ने रामपुरा थाना में शिकायत दी। जिसमें बताया कि महेश उसका दोस्त है तथा उसकी बोलेरो मेरे पास थी। हम दोनों ने गाड़ी का सौदा कर लिया था, परंतु पैसे नहीं दिए थे। 29 अप्रैल की शाम गाड़ी लेकर मैं घर जा रहा था। जब मैं घर के पास पहुंचा तो गली में दोनों तरफ से दो गाड़ियां आईं। गाड़ी सहित उठाने के लिए उन्होंने मुझे घेर लिया। मैं गाड़ी को वहीं छोड़कर किसी प्रकार वहां से भागने में सफल रहा। जिसके बाद आरोपी मेरी गाड़ी को वहां से ले गए तथा गांव से बाहर रोड पर उसमें आग लगा दी। आरोपी मुझे भी जान गाड़ी के साथ जलाने की मंशा से आए थे। मुझे ढूंढने फिर गांव में आएं शिकायत में बताया कि गाड़ी को जलाने के बाद आरोपी फिर गांव आए और उसे ढूंढते रहे। वह उन्हें नहीं मिला। इस दौरान आरोपी उसके भाई के घर पहुंचे तथा तोड़फोड़ कर परिवार को धमकी दी। जिससे वह और उसका परिवार अब भी खौफ में है। पुरानी रंजिश में की वादात शिकायत में बताया कि दीपक के साथ 29 अप्रैल को दिन में कहासुनी हुई थी। युद्धवीर के साथ 2022 से विवाद चला आ रहा है। मामला फिलहाल कोर्ट में विचाराधीन है। इसी रंजिश के चलते दोनों आरोपियों ने अपने साथियों के साथ मिलकर मेरी हत्या के इरादे से वारदात को अंजाम दिया। जानिए क्या था मामला रेवाड़ी में जैसलमेर हाईवे पर हरिनगर के पास 29 अप्रैल की रात गाड़ी में आग लगने से हड़कंप मच गया था। जांच में पता चला था कि गैंगस्टर महेश सैनी की बोलेरो गाड़ी हुसैनपुर निवासी सतपाल के पास थी। रामपुरा थाना पुलिस ने गैंगस्टर महेश सैनी की गाड़ी सतपाल के पास होने की बात स्वीकारी थी। शिकायत नहीं मिलने की बात कहकर घटना पर चुप्पी साध ली थी। जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई डीएसपी पवन कुमार ने कहा कि मामला उनके पास आया था। जांच में शामिल होने के लिए दोनों पक्षों को बुलाया। मौके का निरीक्षण कर डिटेल ली। जांच में जो तथ्य सामने आए, उसके अनुसार रामुपरा थाने में दोनों पक्षों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। शिकायतकर्ता के खिलाफ 12 केस है तथा अनावश्यक दबाव बनाने के लिए पुलिस पर आरोप लगा रहा है।
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