नवादा जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र अंतर्गत वारसलीगंज मोड़ पर गौवंशों की अवैध तस्करी का एक बड़ा मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने एक पिकअप वैन को रोका, जिसमें क्रूरतापूर्वक गौवंशों को ले जाया जा रहा था। वाहन की जांच करने पर पता चला कि गायों को छोटी रस्सियों से इतनी निर्दयता से जकड़कर भरा गया था कि एक गाय वाहन की छत से लटककर अचेत हो गई थी। कार्यकर्ताओं ने तुरंत रस्सी काटकर उसकी जान बचाई। सभी गौवंश अत्यधिक पीड़ा में थे और उन्हें चारा-पानी भी नहीं दिया गया था। परिवहन का यह तरीका पशु क्रूरता निवारण अधिनियम और पशु परिवहन नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है। गौवंशों की तस्करी कर रहे थे वाहन में सवार मो. शाकिब (30 वर्ष) और मो. शाहिल उर्फ छोटू कुरैसी (22 वर्ष), दोनों बिहारशरीफ के महुआ टोला निवासी, को घटनास्थल पर ही पकड़ लिया गया। पूछताछ में दोनों ने स्वीकार किया कि वे गौवंशों की तस्करी कर रहे थे और पहले भी इस प्रकार के कार्यों में शामिल रहे हैं। नालंदा जिले के गौ रक्षा प्रमुख विवेक कुमार उर्फ विक्की सिंह ने थानाध्यक्ष को दिए आवेदन में बताया कि आरोपियों के पास गौवंशों के संबंध में कोई वैध दस्तावेज, खरीद-बिक्री का बिल या परिवहन अनुमति नहीं थी। उन्होंने आरोपियों को पुलिस के सुपुर्द कर दिया। वाहन और गौवंशों को जब्त कर गौशाला को सौंपने की मांग विवेक कुमार ने मांग की है कि वाहन और गौवंशों को जब्त कर गौशाला को सौंपा जाए। उन्होंने आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं, बिहार पशु संरक्षण अधिनियम 1955 और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर सख्त कार्रवाई की भी मांग की है। स्थानीय गौ रक्षकों ने इस घटना को क्षेत्र में सक्रिय पशु तस्करी गिरोह का हिस्सा बताया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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