सचिन प्रजापति | प्रयागराज2 मिनट पहले
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प्रयागराज में संयुक्त प्रतियोगी छात्र हुंकार मंच के एक प्रतिनिधिमंडल ने रविवार को उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) के दो उपसचिवों से मुलाकात की। इस दौरान छात्रों ने विभिन्न लंबित मांगों और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी समस्याओं पर विस्तृत चर्चा की, साथ ही शीघ्र समाधान की मांग उठाई।
छात्रों ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तिथियों में टकराव का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने बताया कि 13 जून को एलटी मुख्य परीक्षा, 14 जून को जीआईसी प्रारंभिक परीक्षा और 31 मई को जीडीसी परीक्षा व बीएड प्रवेश परीक्षा एक ही दिन निर्धारित हैं। इससे हजारों अभ्यर्थियों को परेशानी हो रही है। छात्रों ने मांग की कि सभी परीक्षाओं के बीच 2 से 5 दिनों का अंतर रखा जाए।


प्रतिनिधिमंडल ने समीक्षा अधिकारी एवं सहायक समीक्षा अधिकारी (RO/ARO) भर्ती प्रक्रिया पर न्यायालय द्वारा लगाए गए स्थगन (स्टे) पर चिंता व्यक्त की। छात्रों ने आयोग से न्यायालय में प्रभावी पैरवी करने और सक्षम अधिवक्ताओं के माध्यम से मजबूत पक्ष रखने की मांग की, ताकि AE/AG सहित अन्य लंबित भर्तियों का जल्द निस्तारण हो सके।
इसके अतिरिक्त, पीसीएस और आरओ/एआरओ के लगभग 45 चयनित अभ्यर्थियों की लंबित प्रोविजनल एवं दस्तावेज सत्यापन प्रक्रिया का मुद्दा भी उठाया गया। छात्रों ने बताया कि सभी दस्तावेज जमा होने के बावजूद प्रक्रिया पूरी न होने से चयनित अभ्यर्थी तनाव में हैं।
वार्ता में पीसीएस, बीईओ, आरओ/एआरओ सहित वर्ष 2026 की नई भर्तियों के विज्ञापन जारी करने में हो रही देरी पर भी चर्चा हुई। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि भर्ती कैलेंडर जारी न होने से लाखों अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित हो रहा है, जिससे कई छात्र आयु सीमा और आर्थिक कारणों से अवसर खो सकते हैं।

