देश में हाल ही में हुए घटनाक्रमों और वैश्विक संकट के मद्देनजर चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी द्वारा आर्थिक उपायों और सार्वजनिक संदेश के बाद, विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार ने एक आदेश जारी किए हैं। इसके तहत यूनिवर्सिटी कैंपस में ईंधन की खपत को कम करने और पर्यावरण अनुकूल विकल्पों को बढ़ावा देने के लिए कई कड़े नियम तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं। यूनिवर्सिटी के नए आदेशों के अनुसार, अब सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए शुक्रवार के दिन साइकिल से या पैदल यूनिवर्सिटी आना अनिवार्य कर दिया गया है। जानिए यूनिवर्सिटी प्रशासन ने कौन-कौन से 5 बड़े प्रतिबंध लगाए… 1. पेट्रोल-डीजल गाड़ियों के इस्तेमाल से बचें अधिकारी: यूनिवर्सिटी के सभी अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे पेट्रोल और डीजल से चलने वाले वाहनों का उपयोग न करें। इसके बजाय वे इलेक्ट्रिक वाहनों, सार्वजनिक परिवहन या साइकिल का इस्तेमाल करें। जरूरत पड़ने पर ही वाहन पूलिंग या कार-पूलिंग को कड़ाई से अपनाने को कहा गया है। 2. शुक्रवार को ‘नो व्हीकल डे’ जैसा माहौल: सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से अनुरोध किया गया है कि वे प्रत्येक शुक्रवार को केवल साइकिल से या पैदल ही विश्वविद्यालय परिसर में आएं। 3. सरकारी गाड़ियों की डिमांड पर सख्ती: सरकारी वाहनों की मांग केवल बेहद जरूरी दौरों या यात्राओं के लिए ही की जा सकेगी। इसके लिए ट्रांसपोर्ट ऑर्गेनाइजेशन से गाड़ियों की मांग से जुड़ी फाइल को केवल आपातकालीन परिस्थितियों में ही आगे भेजा जाएगा। 4. मीटिंग्स के लिए नया नियम – अब ऑनलाइन या हाइब्रिड मोड: यूनिवर्सिटी के सभी अधिकारी अब ज्यादातर बैठकें और मीटिंग्स ऑनलाइन या हाइब्रिड मोड में ही आयोजित करेंगे, ताकि अनावश्यक यात्राओं से बचा जा सके। 5. आउटस्टेशन टूर पर रोक: कंट्रोलिंग ऑफिसर्स की ओर से आधिकारिक बैठकों या दौरों के लिए विश्वविद्यालय के वाहनों के इस्तेमाल की अनुमति को सीमित कर दिया गया है। यदि बाहर की यात्रा बहुत जरूरी है, तो सरकारी गाड़ी के बजाय पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग करने के निर्देश दिए गए हैं। कड़ाई से पालन करने के आदेश : कुलपति एचएयू के कुलपति प्रो बीआर काम्बोज ने कहा कि विश्वविद्यालय के सभी डीन, डायरेक्टर्स, विभागाध्यक्षों और सभी सेक्शन ऑफिसों को आदेश जारी कर दिए गए हैं। इन निर्देशों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और सभी संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों को इसका कड़ाई से पालन सुनिश्चित करना होगा।
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