मुख्य बातें

चैम्पियंस की सफलता के मंत्र; गलती से सीखकर आगे बढ़ना: दबाव संभालने और फोकस करने के लिए छोटी-छोटी मेंटल प्रैक्टिस करते हैं खिलाड़ी

चैम्पियंस की सफलता के मंत्र; गलती से सीखकर आगे बढ़ना:  दबाव संभालने और फोकस करने के लिए छोटी-छोटी मेंटल प्रैक्टिस करते हैं खिलाड़ी


  • Hindi News
  • Sports
  • Success Mantras Of Champions: Learning From Mistakes And Moving Forward

एलिस डेवलिन. द न्यूयॉर्क टाइम्स4 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

टेनिस स्टार इगा स्वातेक से लेकर ओलिंपियन तक, हर किसी के पास दबाव संभालने और फोकस बनाए रखने का अपना तरीका है।- प्रतीकात्मक फोटो

मैदान पर दिखने वाली सफलता सिर्फ ताकत, फिटनेस और अभ्यास का नतीजा नहीं होती। बड़े खिलाड़ी अपने दिमाग को भी उसी तरह तैयार करते हैं, जैसे शरीर को। पिछले कुछ वर्षों में खिलाड़ियों, कोच और स्पोर्ट्स साइकोलॉजिस्ट्स के बीच एक बात बार-बार सामने आई है कि चैम्पियन खिलाड़ी अपने दिमाग को संभालना जानते हैं।

टेनिस स्टार इगा स्वातेक से लेकर ओलिंपियन तक, हर किसी के पास दबाव संभालने और फोकस बनाए रखने का अपना तरीका है। ये छोटे-छोटे मानसिक अभ्यास उन्हें बड़े मुकाबलों में शांत और मजबूत बनाए रखते हैं। ऐसे ही पांच तरीके दुनियाभर के खिलाड़ी अपना रहे हैं।

1. पुराने पल में फंसे नहीं रहते खिलाड़ी

परफॉर्मेंस कोच सिंद्रा कैमफॉफ इस तरीके को ‘लर्न, बर्न, रिटर्न’ कहती हैं। यानी पहले गलती समझो, फिर उसे दिमाग से निकालो और आगे बढ़ो। कुछ खिलाड़ी इसके लिए खास शब्द इस्तेमाल करते हैं। एनएफएल खिलाड़ी एडम थीलेन गलती के बाद ‘फ्लश इट’ बोलते थे, जैसे बुरी बात को बाहर निकाल दिया हो। इससे खिलाड़ी पुराने पल में फंसे नहीं रहते।

2. दिमाग को बाहरी चीजों पर लगाने की सलाह

अमेरिकी ओलिंपिक टीम के स्पोर्ट्स साइकोलॉजिस्ट एलेक्स कोहेन कहते हैं कि ज्यादा सोचने से खिलाड़ी अपनी लय खो देते हैं। अगर खिलाड़ी हर मूवमेंट के बारे में सोचने लगे, तो उसका खेल बिगड़ सकता है। इसलिए वह खिलाड़ियों को बाहरी चीजों पर ध्यान लगाने की सलाह देते हैं। इससे शरीर स्वाभाविक तरीके से काम करता है।

3. पहेलियों से दिमाग की नसों को सक्रिय करना

दुनिया की नंबर-3 टेनिस खिलाड़ी इगा स्वातेक मैच से पहले सुडोकू और क्रॉसवर्ड हल करती हैं। न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. ओरियाना कॉर्नेट के मुताबिक, पहेलियां दिमाग की नई नसों को सक्रिय करती हैं और फोकस बढ़ाती हैं। साथ ही यह दिमाग को शांत भी रखती हैं। स्वातेक शुरु में मैच से पहले मैथ्स का होमवर्क करती थीं, अब उसकी जगह पजल्स ने ले ली है।

4. नकारात्मक सोच को सकारात्मकता में बदलना

ओलिंपियन केंडेल विलियम्स अपने दिमाग में आने वाले नकारात्मक विचारों को ‘ANTS’ यानी ऑटोमैटिक नेगेटिव थॉट्स कहती हैं। जब भी उनके मन में ‘मैं नहीं कर पाऊंगी’ जैसे विचार आते हैं, वे खुद को याद दिलाती हैं कि यह सिर्फ एक नकारात्मक सोच है, सच नहीं। फिर वह उसे सकारात्मक सोच से बदल देती हैं। इससे आत्मविश्वास बना रहता है।

5. हर थकान का इलाज अलग

स्पोर्ट्स साइकोलॉजिस्ट डॉ. किर्स्टन कूपर कहती हैं कि सिर्फ सोना ही आराम नहीं होता। मानसिक थकान के लिए मानसिक आराम जरूरी है। अगर दिनभर फैसले लेने पड़े हों, तो दिमाग को कुछ समय बिना सोच-विचार के छोड़ना चाहिए। स्क्रीन से दूरी, शांत समय बिताना, अच्छे लोगों के साथ रहना और खुद को भावनात्मक दबाव से दूर रखना भी जरूरी है।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *