करनाल में जीटी रोड पर बसताड़ा स्थित राजीव गांधी खेल स्टेडियम के पास झाड़ियों में मिले युवक के शव की पहचान हो गई है। युवक को दिल्ली से अगवा करने के बाद उसकी हत्या कर शव करनाल में फेंका गया था। मृतक की पत्नी और बच्चे मलेशिया से लौट चुके हैं, लेकिन पोस्टमॉर्टम को लेकर परिवार परेशान है। परिवार का कहना है कि पोस्टमार्टम कौन करवाएगा और जांच कौन करेगा, इसको लेकर अभी तक कुछ स्पष्ट ही नहीं है। वहीं पुलिस ने स्पष्ट किया है कि पोस्टमॉर्टम करनाल पुलिस करवाएगी और जांच दिल्ली पुलिस द्वारा की जाएगी। पहचान के बाद सामने आई पूरी कहानी मृतक की पहचान मानव के रूप में हुई है, जिसकी उम्र करीब 33 साल थी। वह मूल रूप से पंजाब के होशियारपुर का रहने वाला था और मलेशिया में रहता था। जनवरी में वह अपनी पत्नी और बच्चों के साथ भारत आया था। घटना के बाद परिवार को जैसे ही जानकारी मिली, वे तुरंत करनाल पहुंच गए। पत्नी रेशमी ने बताई आखिरी बातचीत मृतक की पत्नी रेशमी ने बताया कि वह मलेशिया की रहने वाली है। 14 मई की रात को वे दोनों मलेशिया जाने के लिए निकले थे। 15 मई की सुबह उनकी दिल्ली से फ्लाइट थी। मानव ने उन्हें एयरपोर्ट पर छोड़ा और कहा कि वह 16 मई की फ्लाइट से आएगा। रेशमी के अनुसार, 15 मई की रात 11 बजकर 50 मिनट तक उनकी मानव से फोन पर बात हुई थी। इसके बाद उसका फोन बंद हो गया। बाद में सास ने बताया कि मानव लापता है। यह सुनकर वह 18 मई की रात बच्चों के साथ वापस भारत आई। दो लोगों ने बाइक पर बैठाकर ले जाने की बात पत्नी ने बताया कि, जानकारी मिली है कि दिल्ली में दो लोग मानव को बाइक पर बैठाकर ले गए थे और कहा था कि डॉक्यूमेंट चेक करने हैं। उनमें से एक सरदार था। हालांकि मानव उन्हें जानता था या नहीं, इस बारे में उसे कोई जानकारी नहीं है। मानव की मां ने बताया कि रात 1 बजकर 40 मिनट तक मानव मुझसे बात करता रहा। मानव ने कहा था कि ये लोग बोल रहे हैं, आगे पुलिस का नाका है। अगर हम यहां से जाएंगे तो पुलिस हमारा चालान काट देगी। ये बोल रहे हैं कि दूसरे दूर के रास्ते से वह होटल पर आ रहा है। होटले के रूम की चाबी भी उसके पास है। इसके बाद मानव का फोन बंद हो गया। कल शाम को हमें पता चला कि मानव के सिर में गोली मारकर उसके शव को करनाल के बसताड़ा में झाडियों में फेका गया था। हमे शक हे उन दोनों लड़कों ने ही मानव को किडनैप कर उसकी गोली मारकर हत्या की है। परिजनों का आरोप, उलझा रही पुलिस मृतक के परिजनों का कहना है कि, कभी कहा जा रहा है कि पोस्टमॉर्टम करनाल पुलिस करवाएगी, तो कभी दिल्ली पुलिस का नाम लिया जा रहा है। परिजनों ने कहा कि वे शव लेने के लिए आए हैं, लेकिन उन्हें बॉडी तक नहीं मिल रही। 24 घंटे से ज्यादा समय हो चुका है और पुलिस ही स्पष्ट नहीं कर पा रही कि जांच कौन करेगा। परिवार ने मांग की है कि पहले शव सौंपा जाए ताकि अंतिम संस्कार किया जा सके, जांच बाद में भी चलती रहेगी। मधुबन थाना पुलिस का बयान मधुबन थाना में कार्यकारी एसएचओ लछमन सिंह ने बताया कि मृतक की पहचान हो चुकी है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि किडनैपिंग दिल्ली के महीपालपुर रोड से हुई थी और शव को करनाल में लाकर फेंका गया। उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच हरियाणा पुलिस करेगी या दिल्ली पुलिस, इसको लेकर उच्च अधिकारियों से बातचीत चल रही है। क्या है पूरा मामला 16 मई की सुबह करीब 7:30 बजे बसताड़ा के पास प्लाजा के नजदीक झाड़ियों में एक युवक का शव मिला था। राहगीरों ने शव देखकर तुरंत पुलिस को सूचना दी थी। पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में युवक के सिर और शरीर पर गहरे चोट के निशान मिले थे। इसके अलावा कान के पीछे गोली लगने का निशान भी पाया गया था, जिससे हत्या की आशंका जताई गई। पहचान के लिए तीन दिन रखा गया शव मृतक की उम्र करीब 33 से 34 साल के बीच आंकी गई थी। युवक की बाजू पर अंग्रेजी में करसिव स्टाइल में ‘गोल्डी’, ‘लक्की’ और ‘आदि’ लिखा हुआ था। हाथ में कड़ा भी पहना हुआ था। इन पहचान चिन्हों के आधार पर पुलिस ने फोटो सभी थानों और अन्य राज्यों में भेजी। तीन दिनों तक शव को करनाल के मोर्चरी हाउस में रखा गया। इसके बाद अब उसकी पहचान मानव के रूप में हो पाई है। करनाल पुलिस कराएगी पोस्टमार्टम : डीएसपी डीएसपी मनोज कुमार ने बताया कि मृतक की पहचान होना जरूरी था, जो अब हो चुकी है। परिजन भी आ चुके हैं और उनसे बातचीत की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शव का पोस्टमार्टम करनाल पुलिस द्वारा करवाया जाएगा, जबकि मामले की जांच दिल्ली पुलिस करेगी, क्योंकि किडनैपिंग की घटना दिल्ली से हुई है। परिवार में मचा कोहराम मानव की मौत की खबर से परिवार में मातम पसरा हुआ है। छोटे-छोटे बच्चे अपने पिता को याद कर रो रहे हैं। पत्नी और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार लगातार यही मांग कर रहा है कि उन्हें जल्द से जल्द शव सौंपा जाए ताकि अंतिम संस्कार किया जा सके। वहीं, पुलिस की प्रक्रिया और आपसी समन्वय की कमी के चलते परिवार को इंतजार करना पड़ रहा है। जांच के बाद खुलेगा पूरा राज फिलहाल यह मामला किडनैपिंग और हत्या का प्रतीत हो रहा है। पुलिस के अनुसार, जांच के बाद ही साफ हो पाएगा कि आरोपियों ने किस कारण से मानव को अगवा किया और उसकी हत्या की। अब सबकी नजर इस बात पर है कि पुलिस कब तक इस मामले की गुत्थी सुलझाती है।
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