इटावा में बरसात से पहले नालों की सफाई और सिरसा नदी के पुनरुद्धार को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुई बैठक में जनपद के नालों की सफाई की कार्ययोजना की समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वर्षा ऋतु शुरू होने से पहले सभी प्रस्तावित नालों की सफाई का काम पूरा करा लिया जाए। साथ ही सिरसा नदी के पुनरुद्धार कार्य को वैज्ञानिक तरीके से करने और जल संरक्षण पर विशेष ध्यान देने को कहा गया। नालों की सफाई की कार्ययोजना पर चर्चा बैठक में अधिकारियों ने बताया कि जनपद में कुल 143 नाले हैं, जिन्हें चार सिंचाई खंडों में बांटा गया है। इनमें सबसे अधिक 81 नाले सिंचाई खंड इटावा क्षेत्र में आते हैं। इस वर्ष 77 नालों की सफाई का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसके तहत निचली गंगा नहर खंड में 31, भोगनीपुर प्रखंड में 12, सिंचाई खंड इटावा में 33 और सिंचाई खंड औरैया में 1 नाले की सफाई कराई जाएगी।
जनप्रतिनिधियों के सुझाव शामिल करने के निर्देश जिलाधिकारी ने कहा कि नाला सफाई कार्यों में जनप्रतिनिधियों और माननीयों के सुझावों को भी शामिल किया जाए, ताकि जिन क्षेत्रों में जलभराव की ज्यादा समस्या रहती है वहां प्राथमिकता के आधार पर काम कराया जा सके। उन्होंने साफ कहा कि बरसात से पहले सभी जरूरी कार्य समय पर पूरे होने चाहिए। सिरसा नदी पुनरुद्धार और चेक डैम निर्माण पर जोर बैठक में सिरसा नदी के पुनरुद्धार कार्यों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि इस अभियान की शुरुआत 1 जून से की जाएगी। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि नक्शे में चिन्हित पूरे क्षेत्र की पूरी तरह सफाई कराई जाए और नदी की चौड़ाई को व्यवस्थित तरीके से बढ़ाया जाए। उन्होंने बताया कि करीब 53 किलोमीटर क्षेत्र में यह कार्य प्रस्तावित है। जल संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए सिरसा नदी पर वैज्ञानिक तरीके से चेक डैम बनाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि इससे पानी को रोकने में मदद मिलेगी और भूजल पर निर्भरता कम करने की दिशा में बेहतर परिणाम मिल सकेंगे। बैठक में सिंचाई विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
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