नमस्कार ‘ईंधन बचाओ अभियान’ में पाली की एसपी साहिबा ने ‘लेफ्ट-राइट’ करते हुए बड़ा योगदान दिया। जयपुर में राज्यपाल महोदय ने नेता प्रतिपक्ष को ऐसी बात कह दी कि ठहाके लगने लगे। जोधपुर में मंत्रीजी ने पाकिस्तान के टमाटर के जरिए खराब हालात का हवाला दे दिया और किरोड़ी बाबा की टीस फिर उभर आई। राजनीति और ब्यूरोक्रेसी की ऐसी ही खरी-खरी बातें पढ़िए, आज के इस एपिसोड में.. 1. राज्यपाल महोदय की बात पर लगे ठहाके राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर चलता है। राज्यपाल को केंद्र का एजेंट करार दिया जाता है। आपसी खींचतान में कभी-कभी उजली तस्वीर भी सामने आती है। ऐसी ही उजली तस्वीर हाल ही जयपुर से सामने आई। मौका था राजस्थान विधानसभा के 75 साल पूरे होने का। सेलिब्रेट करने के लिए ‘अमृत महोत्सव उद्घोष’ कार्यक्रम किया गया। मंच पर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और स्पीकर वासुदेव देवनानी साथ बैठे थे। राज्यपाल हरिभाऊ बागडे का भाषण चल रहा था। राज्यपाल महोदय ने नेता प्रतिपक्ष की ओर देखते हुए कहा- राजस्थान के पहले निर्वाचित मुख्यमंत्री टीकाराम (टीकाराम पालीवाल) थे। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष की चुटकी लेते हुए कहा- इन टीकारामजी का मुख्यमंत्री बनने का नंबर आएगा या नहीं, पता नहीं, क्योंकि आगे लंबी लाइन है। इस पर सभागार में ठहाका गूंज उठा। टीकाराम जूली भी हंसने लगे। देवनानी भी जूली के कंधे पर थपकी मारकर हंसे। विनोद के इसी वातावरण में राज्यपाल ने बात आगे बढ़ाई। बोले- नेता प्रतिपक्ष ने इस्तीफा दिया और सत्ताधारी पार्टी में मंत्री बन गए। महाराष्ट्र की बात कर रहा हूं। इस पर नेता प्रतिपक्ष ने ‘ना’ का इशारा किया और फिर से सभागार में ठहाके गूंज उठे। 2. मंत्री जोगाराम का ‘पाकिस्तान’ वाला उदाहरण संसदीय कार्य मंत्री जोगारामजी का बयान चर्चा में है। उन्होंने दुनिया के हालात की दुहाई दी और कहा कि सब जगह उल्टे हालात चल रहे हैं। उदाहरण के तौर पर कह गए कि पाकिस्तान में टमाटर साढ़े चार सौ रुपए किलो तक बिक रहे हैं। ये बात सही है कि दुनिया आर्थिक संकट से गुजर रही है। तेल को लेकर युद्ध हो रहा है। महंगाई सीढ़ियां चढ़ रही है। प्रधानमंत्री पहले ही आगाह कर चुके हैं। सोना नहीं खरीदने और ईंधन बचाने का आह्वान कर चुके हैं। भारत ही नहीं बल्कि दुनियाभर में मंदी का दौर है। ऐसे में जोधपुर के लूणी में मंत्री महोदय बात को सरल ढंग से समझाने की कोशिश कर रहे थे और बताना चाह रहे थे कि पाकिस्तान की तुलना में भारत की स्थिति बेहतर है। वैसे भारत की स्थिति हर कालखंड में पाकिस्तान से बेहतर ही रही है। लोगों में चर्चा है कि पाकिस्तान के सीधे दिन आए ही कब थे? 3. किरोड़ी बाबा की टीस जाती नहीं सरकार में कृषि मंत्री किरोड़ी बाबा की टीस रह-रहकर उभर आती है। हाल ही एक इंटरव्यू में बाबा ने मन की बातें कह डालीं। सोशल मीडिया पर अब बाबा के टीस की चर्चा है। बातों-बातों में मंत्रीजी ने हाथ बंधे होने का इशारा कर दिया। बोले- जब सरकार में नहीं थे तो ज्यादा काम कराया करते थे। अब सत्ता में हैं तो कई बार असमंजस में पड़ जाते हैं। अपनी मांगों को लेकर सीएम हाउस का घेराव नहीं कर सकते। यहीं पास से रेल की पटरी गुजरती है, लेकिन ट्रेन को नहीं रोक सकते। फार्म हाउस की विशेषताएं गिनाते हुए भी उन्होंने सियासी चुटकी ली। बोले- फार्म हाउस तो बहुत बड़ा है। लेकिन यहां सांप भी बहुत हैं। सब तरह के। खैर, बाबा का यह अंदाज नया नहीं है। खरी बात ये कि वे मन के खरे हैं। जो दिल में आता है करते हैं-कहते हैं। कुल्हड़ी में गुड़ नहीं फोड़ते। 4. चलते-चलते… 80 के दशक में एक फिल्म आई- अपनापन। फिल्म का एक गीत बहुत मशहूर हुआ। गीत था- आदमी मुसाफिर है, आता है जाता है। यूं तो पूरा जीवन ही एक सफर है। लेकिन जो सफर ईंधन से होता है वह भी कम महत्वपूर्ण नहीं। जब ईंधन की कमी हो तो प्रयास यही करना चाहिए कि कम ईंधन में सफर पूरा हो सके। यही संदेश इन दिनों दिया जा रहा है। सरकार, मंत्री, नेता, अफसर सब फेहरिस्त में शामिल हैं। ईंधन बचाने का संदेश देने वालों में एक नाम पाली SP मोनिका सेन का भी जुड़ गया। उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी शेयर है। मैडम अपने घर से पैदल ही दफ्तर जाने के लिए निकल गईं। साथ में गार्ड ने फाइलें संभाल रखी थीं। पैदल चलकर ईंधन बचाने की रेस में एसपी साहिबा दूसरों से आगे निकल गईं। 44 डिग्री पारा भी हौसले को झुका नहीं सका। सैल्यूट तो बनता है। इनपुट सहयोग- ओम प्रकाश टेलर (पाली)। वीडियो देखने के लिए सबसे ऊपर फोटो पर क्लिक करें। अब कल सुबह 7 बजे मुलाकात होगी।
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