रायपुर17 मिनट पहले
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करीब आठ साल के इंतजार के बाद कचना ओवरब्रिज आम लोगों के लिए खोल दिया गया। दावा है कि इससे रोजाना 2 लाख से ज्यादा लोगों को राहत मिलेगी। 48.78 करोड़ रुपए की लागत से तैयार कचना रेलवे ओवरब्रिज का मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने लोकार्पण किया। 787 मीटर लंबे और 13 मीटर चौड़े इस ओवरब्रिज के शुरू होने से कचना रेलवे फाटक पर लगने वाले जाम से लाखों लोगों को राहत मिलेगी।
इस ओवरब्रिज से शंकरनगर, जोरा, वीआईपी कॉलोनी, खम्हारडीह, भावना नगर, कचना समेत एक दर्जन से ज्यादा इलाकों की कनेक्टिविटी आसान होगी। शंकरनगर और विधानसभा रोड आना-जाना भी सुगम होगा। कचना रेलवे क्रॉसिंग पर रोज करीब 120 यात्री और मालगाड़ियां गुजरती हैं। इससे औसतन हर 15 मिनट में फाटक बंद होता था और सुबह-शाम लंबा जाम लगता था। स्कूल बस, एंबुलेंस और दफ्तर जाने वाले लोग सबसे ज्यादा प्रभावित होते थे। पीडब्ल्यूडी के अनुसार ब्रिज पर सर्विस लेन, रोड मार्किंग, रिफलेक्टिव साइन और आधुनिक लाइटिंग की गई है। इससे रात में भी सुरक्षित सफर हो सकेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कचना, खम्हारडीह और आसपास के क्षेत्रों की सालों पुरानी मांग पूरी हुई है। इससे स्कूल-कॉलेज, कार्यालय और व्यापारिक गतिविधियों से जुड़े लोगों को बाधारहित यातायात की सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आधारभूत संरचना विकास को प्राथमिकता दे रही है। उप मुख्यमंत्री और लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने कहा कि कचना क्षेत्र की करीब 25 कॉलोनियों के लिए यह ओवरब्रिज जीवनरेखा साबित होगा। इससे बिलासपुर और बलौदाबाजार की ओर आने-जाने वाले वाहन चालकों को भी फायदा मिलेगा।
इधर, शंकर नगर से कचना फाटक तक 3 घंटे जाम
राजधानी में शुक्रवार को शंकर नगर से कचना फाटक तक लंबा जाम लगा रहा। वाहनों की लंबी कतारों के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा और गाड़ियां धीमी गति से रेंगती रहीं। शाम को कचना ब्रिज के उद्घाटन और वीआईपी मूवमेंट के चलते कुछ समय के लिए यातायात रोका गया, जिससे दबाव और बढ़ गया। वहीं बीटीआई मैदान में लगे मेले से भी बड़ी संख्या में लोग एक साथ सड़क पर निकल आए। पुलिस बल तैनात होने के बावजूद ट्रैफिक नियंत्रित करना मुश्किल हो गया। कचना निवासी एक निजी कंपनी के मैनेजर ने बताया कि वे रात 8 बजे शंकर नगर पहुंचे, लेकिन घर पहुंचने में करीब एक घंटा लग गया।
जाम इतना अधिक था कि वाहन न आगे बढ़ पा रहे थे और न पीछे लौट सकते थे। शंकर नगर से अशोका रतन के बीच भी सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लगी रही। राजीव भवन के सामने से लेकर अनुपम नगर ओवरब्रिज और अशोका रतन तक स्थिति खराब रही। पुलिसकर्मी यातायात सामान्य करने में जुटे रहे, लेकिन राहत नहीं मिल सकी। कई लोगों ने प्रेम नगर और आदर्श नगर की गलियों से होकर मोवा की ओर निकलने की कोशिश की, जबकि कचना जाने वालों के पास वैकल्पिक मार्ग नहीं था।

