गिरिडीह जिले के हीरोडीह थाना क्षेत्र के बंगारो गांव में जमीन विवाद ने एक व्यक्ति की जान ले ली। 40 वर्षीय इंद्रदेव यादव की सोमवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। उनकी मौत की खबर गांव पहुंचते ही माहौल गमगीन हो गया। लोगों में आक्रोश फैल गया। बताया जा रहा है कि 22 मई की शाम जमीन को लेकर दो भाइयों के बीच विवाद हुआ था, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया। इस दौरान इंद्रदेव यादव के साथ जमकर मारपीट की गई, जिसमें वे गंभीर रूप से घायल हो गए थे। लोगों की नाराजगी की तस्वीरें देखें… धनबाद से रांची रेफर, इलाज के दौरान हुई मौत घटना के बाद परिजनों ने इंद्रदेव को तुरंत स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उनकी हालत नाजुक देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें धनबाद रेफर कर दिया। वहां भी हालत में सुधार नहीं होने पर उन्हें रांची भेजा गया। रांची में इलाज के दौरान सोमवार को उन्होंने दम तोड़ दिया। परिजनों के अनुसार, अगर समय पर बेहतर इलाज मिलता तो शायद उनकी जान बचाई जा सकती थी। इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। शव रख कर 5 घंटे तक रखा सड़क जाम सोमवार रात जब इंद्रदेव का शव गांव पहुंचा तो बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिजन आक्रोशित हो उठे। उन्होंने मंडरो चौक के पास खरगडीहा-खिजुरी मुख्य सड़क को करीब पांच घंटे तक जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों की गिरफ्तारी, पीड़ित परिवार को न्याय और थाना प्रभारी को बर्खास्त करने की मांग की। जाम के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों का आरोप था कि पुलिस ने मामले में समय रहते गंभीरता नहीं दिखाई। एसडीपीओ के आश्वासन पर हटा जाम स्थिति को नियंत्रित करने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचा। खोरीमहुआ एसडीपीओ अमरेंद्र कुमार ने ग्रामीणों से बातचीत कर निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि एक सप्ताह के भीतर सभी आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाएगी। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी भोला यादव को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश में छापेमारी जारी है। प्रशासन के आश्वासन के बाद देर रात जाम समाप्त हुआ, लेकिन गांव में अब भी तनाव का माहौल बना हुआ है।
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