हिमाचल के पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कांग्रेस सरकार और मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री भ्रष्ट अधिकारियों के आगे पूरी तरह “कंप्रोमाइज़्ड” हो चुके हैं। मंडी से जारी बयान में ठाकुर ने कार्यवाहक मुख्य सचिव को स्थायी नियुक्ति देने के फैसले पर भी सवाल उठाए। जयराम ठाकुर ने कहा कि जिस अधिकारी की नियुक्ति को लेकर उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर की गई है और सरकार को नोटिस जारी हुआ है, ऐसे समय में उसी अधिकारी को स्थायी मुख्य सचिव बनाना सरकार की नीयत पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत तीन एफआईआर दर्ज हैं। साथ ही, चेस्टर हिल बेनामी संपत्ति मामले में भी उनका नाम सामने आ चुका है। इसके बावजूद, सरकार कार्रवाई करने के बजाय उन्हें संरक्षण दे रही है। भ्रष्ट अधिकारियों को पुरस्कृत कर रहे सुक्खू नेता प्रतिपक्ष ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री भ्रष्ट अधिकारियों को पुरस्कृत कर रहे हैं और उन्हें सेवा विस्तार देने की तैयारी में हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेताओं और उनकी “मित्र मंडली” के कई राज इन अधिकारियों के पास दबे हुए हैं, इसलिए सरकार कार्रवाई करने से बच रही है।इसके साथ ही, जयराम ठाकुर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना की। सिंधु जल समझौते के बाद केंद्रीय परियोजनाओं को बताया ऐतिहासिक जयराम ने सिंधु जल समझौते के बाद केंद्र सरकार की परियोजनाओं को ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने जानकारी दी कि केंद्र सरकार ने पाकिस्तान जाने वाले पानी को डायवर्ट करने के लिए ₹2,620 करोड़ की दो टनल परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं में लाहौल-स्पीति में बनने वाली ‘चेनाब-ब्यास लिंक टनल’ भी शामिल है। इससे हिमाचल में बिजली उत्पादन बढ़ेगा और अन्य राज्यों को भी लाभ मिलेगा।जयराम ठाकुर ने पंचायती राज चुनावों के पहले चरण में भाजपा समर्थित उम्मीदवारों को मिले जनसमर्थन के लिए जनता का आभार भी व्यक्त किया।
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