नरसिंहपुर जिले में 108 एंबुलेंस सेवा में अनियमितताओं के चलते जिला प्रबंधक विजय रघुवंशी को पद से हटा दिया गया है। सेवा संचालक कंपनी ने मंगलवार देर शाम यह कार्रवाई की। मरीजों को लंबे समय से इन गड़बड़ियों के कारण परेशानी हो रही थी। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) ने एंबुलेंस सेवाओं से संबंधित मामलों को लेकर कंपनी को पत्र भेजा था। सूत्रों के अनुसार, कंपनी उन कर्मचारियों पर भी जल्द कार्रवाई कर सकती है, जिनकी लापरवाही के कारण एक बेटे को अपनी मां को पीठ पर लादकर अस्पताल के मुख्य गेट तक ले जाना पड़ा था। 3 घंटे देरी से पहुंचा था एंबुलेंस जिले में एंबुलेंस सेवाओं की मनमानी के कई मामले सामने आए हैं। इनमें 13 मई को सीएम के मुंगवानी आगमन के दौरान भी एक घटना हुई थी, जब सीएमएचओ के निर्देशों के बावजूद एंबुलेंस तय समय से तीन घंटे देरी से पहुंची। एक अन्य गंभीर घटना 16 मई को सामने आई। सूरवारी निवासी वृद्धा छम्मोबी को अस्पताल के आईसीयू वार्ड से जबलपुर रेफर किया गया था। उन्हें ले जाने के लिए आई एंबुलेंस वार्ड से काफी दूर खड़ी थी। सिविल ड्रेस में मौजूद कर्मचारियों ने पहले मरीज को स्ट्रेचर पर लेटने और मास्क लगाने को कहा, लेकिन बाद में ऑक्सीजन कम होने का बहाना बनाने लगे। बुजुर्ग को पीठ पर लादकर अस्पताल तक पहुंचे परिजन कर्मचारियों के इस रवैये से नाराज होकर परिजनों ने बुजुर्ग को पीठ पर लादकर अस्पताल के मुख्य गेट तक पहुंचाया। बाद में उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। इस मामले में वृद्धा के पुत्र हसन खान ने कलेक्टर को शिकायत दी है। मामले के तूल पकड़ने पर एंबुलेंस कर्मियों और प्रबंधन ने अपनी खामियां छिपाने का प्रयास किया। उन्होंने यह कहानी गढ़नी शुरू कर दी कि एंबुलेंस में ऑक्सीजन थी, लेकिन परिजन ही मरीज को पीठ पर लादकर ले गए थे। शिकायतों के बाद भी संचालक ने की अनसुनी बताया जाता है कि सीएमएचओ डॉ. मनीष मिश्रा की ओर से सेवा संचालक कंपनी जेएईएस प्रोजेक्ट्स (आई) प्राइवेट लिमिटेड को सेवाओं में मनमानी को विस्तार से पत्र में बताया था। जिसमें एंबुलेंस के समय पर उपलब्ध नहीं होने, विलंब से पहुंचने, आवश्यक दवाइयों एवं ऑक्सीजन की कमी, मरीजों को निजी अस्पतालों में छोड़ने की शिकायत मिली थी। इसके बाद कर्मचारियों के अभद्र व्यवहार, वाहनों के नियमित ऑडिट नहीं होने, सीएम हेल्पलाइन में शिकायतों की बढ़ती संख्या और निर्धारित स्थानों से संचालन नहीं होने जैसे कई मामलों को उजागर किया था। सीएमएचओ ने जिला प्रबंधक को पद से हटाया जिसके बाद कंपनी ने मिशन संचालक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन को पत्र भेजते हुए जिला प्रबंधक को नोटिस देकर सेवाओं से हटाए जाने की जानकारी दी है। साथ ही बताया है कि जिला प्रबंधक के रूप में शुभम लिल्हारे को जिले में सेवाओं के सुचारु एवं प्रभावी संचालन की जिम्मेदारी सौंपी है। सीएमएचओ डॉ. मनीष मिश्रा ने बताया कि जिले में 108 सेवा का संचालन करने वाली कंपनी ने जिला प्रबंधक विजय रघुवंशी को हटा दिया है। वृद्धा को पीठ पर लादकर ले जाने वाले घटनाक्रम में उस दौरान जो कर्मी सिविल ड्रेस में थे और प्रोटॉकोल की अनदेखी कर वार्ड से दूर एंबुलेंस खड़ी की गई उसमें भी दोनों कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने कंपनी को लिख रहे हैं।
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