राज्य के सबसे बड़े चिकित्सा संस्थान रिम्स में इन दिनों मरीजों को बीमारी से ज्यादा गर्मी परेशान कर रही है। भीषण गर्मी के बीच अस्पताल के 8 विभागों के वार्डों में पंखे और एसी खराब पड़े हैं, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। गंभीर स्थिति में इलाज के लिए रिम्स पहुंचने वाले मरीजों को भी यहां गर्मी और उमस से राहत नहीं मिल पा रही है। दैनिक भास्कर की पड़ताल में सामने आया कि रिम्स की पुरानी बिल्डिंग स्थित कई वार्डों में करीब तीन दर्जन पंखे खराब पड़े हैं। बर्न वार्ड के 8 में से 4 एसी बंद िमले। लेबर रूम में एसी हैं ही नहीं। कई पंखे स्विच ऑन करने के बाद भी नहीं चल रहे। इसके अलावा विभिन्न विभागों में लगे 10 – 12 एसी लंबे समय से बंद पड़े हैं। मेडिसिन, सर्जरी, न्यूरोसर्जरी, स्त्री एवं प्रसूति रोग विभागों के कई वार्डों में मरीज गर्मी से परेशान नजर आए। परिजन बोले- लेबर रूम में हालात बदतर रिम्स के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग का लेबर रूम सबसे अधिक प्रभावित बताया जा रहा है। यहां प्रसव पीड़ा से गुजर रही महिलाओं को भीषण गर्मी और उमस के बीच बिना पर्याप्त कूलिंग व्यवस्था के रहना पड़ रहा है। मरीजों के परिजनों के अनुसार, प्रसव के दौरान दर्द, घबराहट और बेचैनी के बीच गर्मी प्रसूता की हालत और खराब कर देती है। सूत्रों के मुताबिक, लेबर रूम में एसी लगाने और खराब मशीनों की मरम्मत को लेकर तीन से चार बार अस्पताल प्रबंधन को पत्र लिखा जा चुका है, लेकिन अब तक स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। बर्न वार्ड : परेशान मरीज अपने घर से लाए पंखा सबसे गंभीर स्थिति बर्न वार्ड की देखी गई। आग या अन्य हादसों में झुलसे मरीजों के लिए नियंत्रित तापमान और ठंडा वातावरण इलाज का अहम हिस्सा होता है। लेकिन गुरुवार को बर्न वार्ड में 8 में से 4 एसी बंद मिले। गर्मी और उमस के कारण मरीज दर्द और जलन से कराहते नजर आए। परिजनों का कहना है कि झुलसे मरीजों को सामान्य से अधिक ठंडे वातावरण की जरूरत होती है, लेकिन यहां एसी बंद होने से मरीजों की परेशानी कई गुना बढ़ गई है। कुछ मरीजों के परिजन हाथ से पंखा झलते दिखे, जबकि कई लोग घर से टेबल फैन लाकर मरीजों के पास लगा रहे थे। कई वार्डों में बुनियादी सुविधाओं का संकट अस्पताल के कई वार्डों में पंखे या तो पूरी तरह बंद हैं या बेहद धीमी गति से चल रहे हैं। उमस भरे कमरों में मरीजों के साथ रहने वाले अटेंडर व परिजन को भी घंटों बैठना पड़ रहा है। मरीजों का कहना है कि इलाज के साथ अगर बुनियादी सुविधाएं भी नहीं मिलें तो परेशानी और बढ़ जाती है। प्रबंधन का दावा : मरम्मत की प्रक्रिया चल रही है इधर, रिम्स प्रबंधन ने माना है कि अस्पताल के कई हिस्सों में एसी और पंखों की समस्या है। रिम्स के पीआरओ डॉ. शिशिर ने बताया कि बर्न वार्ड में छह से आठ एसी लगे हैं, जिनमें कुछ खराब हो गए हैं। अस्पताल के विभिन्न वार्डों में लगे करीब 15 एसी और 70 से अधिक पंखों की भी मरम्मत कराई जा रही है। हकीकत : गर्मी शुरू होने से पहले मरम्मत नहीं कराई राजधानी में लगातार पारा बढ़ रहा है। रिम्स जैसे बड़े अस्पताल में कूलिंग सिस्टम की खराब स्थिति चिंताजनक है। हर साल गर्मी में ऐसी स्थिति होती है, फिर भी भीषण गर्मी शुरू होने से पहले कोई मेंटेनेंस नहीं हुआ। अब जब मरीज गर्मी में उबल रहे हैं, तब सिर्फ फाइलों पर मरम्मत की प्रक्रिया शुरू होने का दिलासा दिया जा रहा है।
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