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माता मनसा देवी श्राइन बोर्ड की बैठक: हरियाणा CM ने काम का फीडबैक लिया, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर होगा मंदिर का विस्तार – Haryana News

माता मनसा देवी श्राइन बोर्ड की बैठक:  हरियाणा CM ने काम का फीडबैक लिया, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर होगा मंदिर का विस्तार – Haryana News


चंडीगढ़ में माता मनसा देवी श्राइन बोर्ड की मीटिंग में सीएम नायब सैनी।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में माता मनसा देवी श्राइन बोर्ड की बैठक हुई। इस बैठक में माता मनसा देवी परिसर में चल रहे विकास कार्यों का मुख्यमंत्री ने रिव्यू किया। आगामी नवरात्रि को लेकर भी जरूरी इंतजामों की भी मुख्यमंत्री ने समीक्षा की। इस

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दरअसल, माता मनसा देवी मंदिर, पंचकूला के श्री माता मनसा देवी श्राइन बोर्ड (SMMDSB) द्वारा विकास कार्य किए जा रहे हैं, जिनमें काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर मंदिर का विस्तार, “शक्ति पथ” का निर्माण, 108 फीट ऊंची हनुमान जी की मूर्ति वाली हनुमान वाटिका की स्थापना और एक मल्टी-लेवल पार्किंग का निर्माण शामिल है।

मीटिंग में मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी भी शामिल हुए।

अधिकारी तय समय में पूरा करें काम

सीएम नायब सैनी ने बैठक में अधिकारियों से पहले और दूसरे फेज के हुए और चल रहे निर्माण कार्यों का अपडेट लिया। इसके अलावा बचे हुए कामों को जल्द से जल्द पूरा करने के भी निर्देश दिए। सीएम ने नवरात्रों की तैयारियों को लेकर भी जानकारी ली।

सीएम ने मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की कोई दिक्कत नहीं होने की अधिकारियों को हिदायत दी।

यहां पढ़िए क्या क्या हो रहे निर्माण कार्य…

पहले फेज में हो रहा ये काम

मंदिर को भव्य बनाने और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर विकास किया जा रहा है। पहले चरण में शक्ति द्वार से मुख्य मंदिर तक 110 मीटर लंबा और 15 मीटर चौड़ा एक विशेष “शक्ति पथ” तैयार किया जा रहा है, जिसमें बेंच, लिफ्ट और सीढ़ियां होंगी।

दूसरे फेज में 108 फिट ऊंची प्रतिमा लगेगी

दूसरे चरण में, 108 फीट ऊंची हनुमान जी की मूर्ति वाली वाटिका बनाई जा रही है, जो एक किलोमीटर दूर से भी दिखाई देगी। श्री माता मनसा देवी श्राइन बोर्ड द्वारा मंदिर परिसर में मल्टी-लेवल पार्किंग का निर्माण भी किया जाएगा, जिसकी घोषणा हुई है।

ओल्ड ऐज होम भी बन रहा

परिसर में 7.50 करोड़ रुपए की लागत से ओल्ड एज होम का भवन बनकर तैयार हो चुका है, जिसे जल्द ही शुरू किया जाएगा। इसके अलावा हरियाणा सरकार ने मंदिर परिसर में संस्कृत को बढ़ावा देने के लिए एक संस्कृत महाविद्यालय खोलने का भी निर्णय लिया है।



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