मुख्य बातें

एपस्टीन की नई फाइलों में दावा-लड़कियों को जबरन प्रेग्नेंट कराया: यौन संबंधों के दौरान महिलाओं का गला घोंटा; शव फार्म हाउस में दफनाते थे


इस्तांबुल5 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक
अमेरिका में ट्रम्प प्रशासन दिसंबर 2025 से जेफ्री एपस्टीन से जुड़ी फाइलें जारी कर रहा है। - Dainik Bhaskar

अमेरिका में ट्रम्प प्रशासन दिसंबर 2025 से जेफ्री एपस्टीन से जुड़ी फाइलें जारी कर रहा है।

जेफ्री एपस्टीन से जुड़े मामलों में एक बार फिर गंभीर और चौंकाने वाले आरोप सामने आए हैं। अमेरिका के न्याय विभाग ने हाल ही में नई फाइलें जारी कीं, जिनमें नाबालिग लड़कियों और महिलाओं से दरिंदगी का खुलासा हुआ है।

एक फाइल के अनुसार, दो विदेशी महिलाओं की मौत यौन संबंधों के दौरान गला घोंटे जाने से हुई थी। ​बाद में एपस्टीन के एक कर्मचारी ने इन्हें न्यू मैक्सिको स्थित फार्म हाउस ‘जोरो रैंच’ में दफना दिया। इसमें एपस्टीन की करीबी सहयोगी गिसेल मैक्सवेल भी शामिल थी।

एक अन्य फाइल के अनुसार, एक नाबालिग लड़की ने खुद को ‘ह्यूमन इन्क्यूबेटर’ की तरह इस्तेमाल किए जाने का दावा किया है। ईमेल के अनुसार, जोरो रैंच में लड़कियों को लंबे समय तक बंद रखा गया और उनसे जबरन गर्भधारण कराया गया।

बच्चे पैदा कराए गए और जन्म के बाद ये बच्चे गायब हो गए। एक महिला ने कथित तौर पर आत्महत्या की कोशिश भी की थी। नई फाइलों में यह बात भी सामने आई है कि एपस्टीन से जुड़े कुछ सौदे पारंपरिक बैंकिंग सिस्टम के बजाय बिटकॉइन जैसे क्रिप्टोकरेंसी माध्यमों से किए जाते थे।

फाइलों से नहीं हटे पीड़ितों के नाम-तस्वीरें, न्याय विभाग ने गलती मानी

इस मामले से जुड़ी जांच फाइलों में न्याय विभाग की ओर से लापरवाही ठीक करने के दावों के बावजूद कई पीड़ितों की जानकारी और तस्वीरें अब भी सार्वजनिक हैं। ऐसी फाइलों में पीड़ितों की पहचान काले निशान लगाकर छिपाई जाती है।

नाबालिग पीड़ितों की तस्वीरें और फोन नंबर भी सामने आ गए। विभाग ने गलती मान ली है। फाइलों में एपस्टीन और रेडियो होस्ट और लेखक ब्रायन बिशप के बीच हुए ईमेल संवाद का भी जिक्र है। इन ईमेल्स में बिशप ने एक ऐसे रिसर्च प्रोजेक्ट के लिए फंडिंग मांगी थी, जिसे उन्होंने क्लोनिंग के करीब बताया।

एपस्टीन ने जवाब में निवेश को लेकर सहमति जताई थी, लेकिन परियोजना का चेहरा बनने से इनकार किया था। 30 जून 2014 के एक अन्य ईमेल में एक अज्ञात व्यक्ति की ओर से एपस्टीन को किसी को मारने की अनुमति देने जैसी बात लिखी गई है। हालांकि, ईमेल में इस पर एपस्टीन का जवाब स्पष्ट नहीं है।

ब्रिटेन में राजनीतिक भूचाल, स्टारमर के इस्तीफे की मांग तेज

इधर, एपस्टीन विवाद के चलते ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टारमर पर इस्तीफे का दबाव बढ़ता जा रहा है। वेल्स से लेबर पार्टी के एक सांसद ने पीएम पीटर मंडेलसन विवाद के तरीके से निपटने को लेकर पद छोड़ने की मांग की है। स्टारमर ने गुरुवार को उन लोगों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगी है, जो एपस्टीन से जुड़े मामलों से आहत हुए हैं।

दावा- ब्रिटेन में तत्कालीन भारतीय उच्चायुक्त के नाम का भी जिक्र

फाइलों में भारत के पूर्व उच्चायुक्त वाईके सिन्हा का नाम भी सामने आया है। सिन्हा उस समय ब्रिटेन में भारत के हाई कमिश्नर थे। बाद में 2020 में सरकार ने उन्हें भारत का मुख्य सूचना आयुक्त नियुक्त किया था।

हालांकि, फाइलों में उनके नाम का उल्लेख किस संदर्भ में है, इसे लेकर फिलहाल कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। सिन्हा की ओर से भी कोई बयान नहीं आया है।

एपस्टीन केस की पूरी कहानी क्या है

इसकी शुरुआत 2005 में तब हुई जब फ्लोरिडा में एक 14 साल की लड़की की मां ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। इसमें कहा गया कि एपस्टीन के आलीशान घर में उसकी बेटी को ‘मसाज’ के बहाने बुलाया गया था, लेकिन वहां पहुंचने के बाद उस पर सेक्स का दबाव डाला गया।

जब उसने घर लौटकर यह बात अपने माता-पिता को बताई, तो उन्होंने तुरंत पुलिस में शिकायत की। तब पहली बार जेफ्री एपस्टीन के खिलाफ आधिकारिक शिकायत दर्ज हुई। पुलिस जांच के दौरान यह सामने आया कि यह अकेला मामला नहीं है।

धीरे-धीरे करीब 50 नाबालिग लड़कियों की पहचान हुई, जिन्होंने एपस्टीन पर ऐसे ही आरोप लगाए। पाम बीच पुलिस डिपार्टमेंट ने इस मामले को गंभीरता से लिया और कई महीनों तक छानबीन की। इसके बाद एपस्टीन के खिलाफ क्रिमिनल जांच शुरू हुई।

मामले की जांच से पता चला कि एपस्टीन के पास मैनहट्टन और पाम बीच में शानदार विला है। एपस्टीन यहां हाई-प्रोफाइल पार्टियां करता था, जिसमें कई बड़ी हस्तियां शामिल होती थीं।

एपस्टीन अपने निजी जेट ‘लोलिता एक्सप्रेस’ से पार्टियों में कम उम्र की लड़कियां लेकर आता था। वह लड़कियों को पैसों-गहनों का लालच और धमकी देकर मजबूर करता था। इसमें एपस्टीन की गर्लफ्रेंड और पार्टनर गिस्लीन मैक्सवेल उसका साथ देती थी।

हालांकि शुरुआती जांच के बाद भी एपस्टीन को लंबे समय तक जेल नहीं हुई। उसका रसूख इतना था कि 2008 में उसे सिर्फ 13 महीने की सजा सुनाई गई, जिसमें वह जेल से बाहर जाकर काम भी कर सकता था।

जेफ्री एपस्टीन और उनकी गर्लफ्रैंड गिस्लीन मैक्सवेल।

जेफ्री एपस्टीन और उनकी गर्लफ्रैंड गिस्लीन मैक्सवेल।

कौन था जेफ्री एपस्टीन?

जेफ्री एपस्टीन न्यूयॉर्क का करोड़पति फाइनेंसर था। उसकी बड़े नेताओं और सेलिब्रिटीज से दोस्ती थी। उस पर 2005 में नाबालिग लड़की के साथ यौन उत्पीड़न का आरोप लगा। 2008 में उसे नाबालिग से सेक्स की मांग करने का दोषी ठहराया गया।

उसे 13 महीने की जेल हुई। 2019 में जेफ्री को सेक्स ट्रैफिकिंग के आरोपों में गिरफ्तार किया गया। लेकिन मुकदमे से पहले ही उसने जेल में आत्महत्या कर ली। उसकी पार्टनर गिस्लीन मैक्सवेल को 2021 में उसकी मदद करने के आरोपों में दोषी करार दिया गया। वह 20 साल की सजा काट रही है।

————————

यह खबर भी पढ़ें…

ब्रिटिश प्रिंस ने एपस्टीन को अपनी बेटियों की तस्वीरें भेजी:बेटी ने पिता से रिश्ता तोड़ा; सर्वाइवर बोली- शाही महल में यौन संबंध के लिए मजबूर किया गया

ब्रिटिश प्रिंस एंड्रयू ने 2008 में यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन को अपनी बेटियों की तस्वीरें भेजीं थी। यह खुलासा 2010 और 2011 के ईमेल्स से हुआ है, जिसे जस्टिस डिपार्टमेंट ने 30 जनवरी को जारी किया था। प्रिंस एंड्रयू की तरफ से एपस्टीन को 20 दिसंबर 2012 को एक कार्ड भेजा गया। पढ़ें पूरी खबर…

नॉर्वे के डिप्लोमैट ने भारतीयों को सांप से बदतर बताया:एपस्टीन से कहा था- इंडियन और सांप मिलें, तो पहले इंडियन को मारो

अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट ने यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन से जुड़ी करीब 30 लाख से ज्यादा फाइलें सार्वजनिक कर दी हैं। इन फाइलों के सामने आते ही कई बड़े और रसूखदार लोगों के छिपे हुए सच बाहर आ रहे हैं। पढ़ें पूरी खबर…

खबरें और भी हैं…



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *