बीज निगम में सचिव बनाने का झांसा देकर महिला ठग और उसके परीचित ने युवक से पांच लाख की ठगी कर ली। पीड़ित को नौकरी नहीं मिली और आरोपियों ने पैसा वापस नहीं किया, तो तेलीबांधा थाना पहुंचकर आरोपियों के खिलाफ शिकायत दी है। शिकायत पर पुलिस ने ठगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। पीड़ित का नाम पुलिस द्वारा सुमित महिलांगे और आरोपी महिला का नाम राधा कश्यप और उसके पाटर्नर का नाम निशिकांत देदालकर बताया जा रहा है। पुलिस आरोपियों के खिलाफ जांच कर रही है। अब पढ़े पूरा मामला पीड़ित सुमित महिलांगे ने पुलिस को बताया, कि वो वर्ष 2024 में नारायणपुर कृषि महाविद्यालय में अतिथि शिक्षक रहते हुए उनकी पहचान कृष्णा गुप्ता और मनमोहन बिसेन से हुई थी। इसी दौरान मनमोहन बिसेन के माध्यम से राधा कश्यप नामक महिला से संपर्क हुआ, जिसने अपने परिचित निशिकांत बेदालकर के जरिए छत्तीसगढ़ बीज निगम में सचिव पद पर नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाया। पीड़ित के अनुसार 26 फरवरी 2024 को राधा कश्यप उन्हें डूमरतरई स्थित हिमालय हाइट्स ले गई, जहां निशिकांत बेदालकर से मुलाकात हुई। आरोप है कि निशिकांत ने प्रति व्यक्ति 15 लाख रुपए में नौकरी लगाने का दावा किया और एडवांस के तौर पर 5 लाख रुपए देने को कहा। भरोसा दिलाने के लिए उसने बिना तारीख का हस्ताक्षरित चेक भी दिया। इसके बाद सुमित महिलांगे ने अलग-अलग तारीखों में ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के जरिए कुल 5 लाख रुपए निशिकांत बेदालकर के खाते में ट्रांसफर कर दिए। लंबे समय तक न तो कोई नियुक्ति प्रक्रिया हुई और न ही नौकरी मिली। लगातार टालमटोल के बाद अक्टूबर 2025 में आरोपियों ने केवल 2 लाख रुपए लौटाए, जबकि शेष 3 लाख रुपए देने से साफ इनकार कर दिया। तेलीबांधा पुलिस ने शुरू की जांच पीड़ित का आरोप है कि रकम मांगने पर आरोपी धमकी देने लगे और पुलिस में शिकायत करने पर भी कार्रवाई न होने की बात कही। इसके बाद सुमित महिलांगे ने तेलीबांधा थाने में लिखित शिकायत दी। पुलिस ने राधा कश्यप और निशिकांत बेदालकर के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। तेलीबांधा निरीक्षक अविनाश सिंह ने पीड़ित की शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज होने की पुष्टि की है। निरीक्षक का कहना है, कि आरोपियों के खिलाफ जांच जारी है, उन्हें जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
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