गोंडा जिले में एक बड़े रेल हादसे के करीब 19 महीने बाद, दुर्घटनास्थल से रेलवे संपत्ति की चोरी का मामला सामने आया है। मोतीगंज थाना क्षेत्र के पिकौरा गांव के पास चंडीगढ़-डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस के पटरी से उतरे 7 एसी कोचों से 3.80 लाख रुपये मूल्य का कॉपर वायर चोरी हो गया है। इस घटना ने रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कॉपर वायर की चोरी से रेलवे के राजस्व पर सीधा असर पड़ा है। हादसे के बाद क्षतिग्रस्त बोगियों की नीलामी प्रक्रिया चल रही थी। कुल 18 बोगियों में से 11 की नीलामी लगभग 80 लाख रुपये में हो चुकी है। हालांकि, शेष बची 7 एसी कोचों की नीलामी रुक गई है। इन कोचों से कॉपर वायर गायब होने के कारण तकनीकी और वित्तीय मूल्यांकन में बाधा आ रही है, जिससे नीलामी प्रक्रिया अधर में लटक गई है। मामला अधिकारियों के संज्ञान में आने के बाद, आरपीएफ ने अज्ञात चोरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। यह सवाल उठ रहा है कि जिस स्थान पर 24 घंटे सुरक्षा का दावा किया जा रहा था, वहां से इतनी बड़ी मात्रा में कॉपर वायर कैसे चोरी हो गया है। उल्लेखनीय है कि 18 जुलाई 2024 को गोंडा के इसी पिकौरा गांव के पास चंडीगढ़-डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस (15904) की 18 बोगियां पटरी से उतर गई थीं। इस भीषण हादसे में 5 यात्रियों की मौत हुई थी और दर्जनों लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। पहले परिचालन और सुरक्षा में चूक के कारण यह बड़ा हादसा हुआ था, और अब जिम्मेदारों की लापरवाही से सरकारी संपत्ति की लूट हो रही है, जो रेलवे प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े करती है। वहीं गोंडा आरपीएफ पोस्ट कमांडर अनिरुद्ध राय ने बताया कि हम लोगों की एक कमेटी ने जांच किया था कमेटी में चोरी की पुष्टि होने पर मुकदमा दर्ज करवाया गया है। आरोपियों की गिरफ्तारी और घटना के खुलासे के लिए कई टीमों का गठन किया गया है। जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी कि किन परिस्थितियों में कॉपर के वायर चोरी किए गए हैं।
Source link
