सिरसा में गाड़ी चालक को टोकने पर हादसे के बाद गाड़ी के क्षतिग्रस्त हिस्से व एकजुट हुए परिजन व इनसेट में युवक सोनू का फाइल फोटो
सिरसा में एक युवक द्वारा गाड़ी तेज भगाने से टोकने पर काफी विवाद हो गया। आरोप है कि गाड़ी सवार युवक तैश में आ गए और युवक को टक्कर मारनी शुरू कर दी। करीब दो से तीन बार गाड़ी को घुमा-घुमाकर टक्कर मारी गई, जिससे युवक के सिर पर गहरी चोटें लगी और उसकी मौत हो
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यहीं नहीं जब परिवार वाले युवक को घायलवस्था में उसे बाइक पर अस्पताल ला रहे थे तो गाड़ी सवार युवकों ने रास्ते में घेर लिया और फिर से हमला करने की कोशिश। आखिर बाइक सवार युवकों ने घायल को छोड़कर भागकर अपनी जान बचाई। तब तक युवक की मौत हो गई थी। इसके बाद नंबरदार व पुलिस की टीम युवक को लेकर सिविल अस्पताल में पहुंची तो डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
जानकारी के अनुसार, यह मामला शहर से कुछ दूरी पर स्थित खाजाखेड़ा की है और रविवार रात्रि की घटना है। मृतक की पहचान 35 वर्षीय सोनू खाजाखेड़ा निवासी के रूप में हुई है और वह तीन बच्चों का पिता था। इस दौरान गाड़ी के कुछ क्षतिग्रस्त हिस्से भी टूटे पड़े मिले हैं।
रात्रि को घटना के बाद मौके पर मौजूद आसपास के लोग
तीन बच्चों का कर रहा था पालन-पोषण
सोनू आरा मशीन पर मजदूरी का काम करता था। उसके तीन बच्चे हैं, जिनमें एक बेटी व दो बेटे। उसका भाई पवन व मां मूर्ति परिवार में हैं। उसकी पत्नी पहले से उसे छोड़कर कहीं चली गई। तब से वह बच्चों का पालन-पोषण कर रहा था।

गाड़ी का क्षतिग्रस्त हिस्सा, जो मौके पर गिर गया
इस तरह जानिएं पूरा मामला क्या है
परिवार से मृतक युवक की मां मूर्ति ने बताया कि वह रात्रि को अपने घर के बाहर चारपाई पर बैठे हुए थे। अक्सर रात को खाना खाने के बाद घर के बाहर बैठ जाते हैं। उस वक्त एक गाड़ी वाला सड़क पर घर के बाहर तेज गति में चला रहा था और कई चक्कर काटे। गाड़ी में चार-पांच युवक सवार थे। उनको बेटे सोनू ने टोक दिया और कहा, यहां घर है, इतनी स्पीड में गाड़ी मत चलाओ।
इस पर वे तैश में आ गए और कुछ देर बाद उनके साथ बाकी लोग भी बाइक पर पहुंच गए। गाड़ी सवार युवकों ने सोनू को दो से तीन बार टक्कर मार और सोनू को सिर व हाथ-पांव पर काफी चोटें लगी, जिससे उसकी मौत हो गई। इस दौरान वह और उसका पोता बच गए और उसका दूसरा बेटा पवन बाल-बाल बच गया। उन्होंने पवन को भी डंडे से पीटा, जिससे मुंह पर चोट लग गई।
नंबरदार बलवंत सिंह ने बताया, इसकी सूचना पुलिस को दी गई थी। पुलिस ने पहले अस्पताल पहुंचने की बात और कहा, घायल को लेकर जाओ। पुलिस आ रही है। ऐसे में एंबुलेंस कोई मिली नहीं तो पड़ोस के दो लड़कों को बाइक देकर सोनू को बेहाशअवस्था में अस्पताल पहुंचाने को भेजा था। रास्ते में उनका पीछा किया और हमला करने की कोशिश की। उन्होंने भागकर अपनी जान बचाई।
पीछा करते हुए रास्ते में पहुंचे
परिवार अजय ने बताया कि यहां से वह सोनू को बेहोशअवस्था में बाइक पर लेकर खाजाखेड़ा से सिविल अस्पताल आ रहे थे। तब से ही वे पीछे लगे हुए थे और काली माता मंदिर के पास पहुंचने पर पहले से पहुंच गए। बाइक की स्पीड ज्यादा थी तो वह सिविल अस्पताल में नहीं आ सके। ऐसे में बाइक लेकर डबवाली रोड चले गए। वहां पर भी पीछे-पीछे पहुंच गए। डर के कारण वे डेडबॉडी डबवाली रोड पर छोड़कर कहीं चले गए।
पुलिस को साथ लेकर डेडबॉडी लेकर आए : नंबरदार
नंबरदार ने बताया, सूचना के बाद सब्जी मंडी पुलिस के साथ वह डबवाली रोड गए और एंबुलेंस से शव को लेकर सिविल अस्पताल में पहुंचे। लगभग आरोपी जेजे कॉलोनी के रहने वाले हैं। इनमें से एक लड़का, जिस पर पहले से कई मुकदमे दर्ज है। रात को वह भी आया था और पहले सोनू पर सीधी गाड़ी से कुचलने की कोशिश की और बाद में बैक गाड़ी लेकर आया। करीब आधे घंटे तक गाड़ी को वे इधर-उधर भगाते रहे।
