देवास में फोटो निर्वाचक नामावली 2026 का अंतिम प्रकाशन
देवास में विशेष गहन पुनरीक्षण 2026 के तहत शनिवार को फोटो निर्वाचक नामावली का अंतिम प्रकाशन कर दिया गया। जिले की सभी विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों के रजिस्ट्रीकरण अधिकारी कार्यालयों में यह प्रक्रिया पूरी की गई। अंतिम प्रकाशन के बाद जिले में कुल 11 लाख 9
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कलेक्टर की अध्यक्षता में बैठक आयोजित
इस अवसर पर कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी ऋतुराज सिंह की अध्यक्षता में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रतिनिधियों को अंतिम प्रकाशित नामावली की फोटो रहित सूची की सीडी और फोटोयुक्त सूची की मुद्रित प्रति प्रदान की गई।
अधिकारी और प्रतिनिधि रहे उपस्थित
बैठक में अपर कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी शोभाराम सोलंकी, तहसीलदार देवास सपना शर्मा सहित राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि ओम जोशी, मनोहर जाधव, डॉ. मंसूर शेख और दरियाव सिंह मालवीय उपस्थित रहे।
प्रारूप सूची में थे 11.78 लाख मतदाता
बैठक में जानकारी दी गई कि जिले की पांचों विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की प्रारूप निर्वाचक नामावली में पहले कुल 11 लाख 78 हजार 464 मतदाता दर्ज थे। इनमें 06 लाख 04 हजार 230 पुरुष, 05 लाख 74 हजार 220 महिला और 14 अन्य मतदाता शामिल थे।
दावे-आपत्तियों के बाद जोड़े गए 17,869 नए नाम
दावे और आपत्तियों के निराकरण के बाद कुल 17 हजार 869 नए मतदाताओं के नाम जोड़े गए। वहीं 6020 मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए। इसके बाद अंतिम प्रकाशित सूची में जिले में कुल 11 लाख 90 हजार 317 मतदाता दर्ज किए गए हैं। अंतिम आंकड़ों के अनुसार अब जिले में 06 लाख 10 हजार 025 पुरुष, 05 लाख 80 हजार 278 महिला और 14 अन्य मतदाता शामिल हैं।
6020 नाम निरस्त, मृत और स्थानांतरित शामिल
निर्वाचक नामावली से कुल 6020 विवरण निरस्त किए गए हैं। इनमें 445 मृत मतदाता, 3673 स्थानांतरित मतदाता, 130 दोहरी प्रविष्टियां और 1771 अन्य स्थानांतरित प्रविष्टियां शामिल हैं। अंतिम प्रकाशन के अनुसार जिले का मतदाता जनसंख्या अनुपात 60.96 प्रतिशत है। वहीं लिंगानुपात 951 दर्ज किया गया है।
1434 सेवा मतदाता और 9582 दिव्यांग मतदाता
जिले में कुल 1434 सेवा मतदाताओं की सूची अलग से प्रकाशित की गई है। इसके अलावा नामावली में 9582 दिव्यांग मतदाता भी शामिल हैं। निर्वाचन विभाग ने स्पष्ट किया कि मतदाता सूची को पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने के लिए सभी दावे-आपत्तियों का विधिवत निराकरण किया गया है। विशेष गहन पुनरीक्षण 2026 के तहत जारी यह अंतिम सूची आगामी निर्वाचन प्रक्रिया के लिए आधार का काम करेगी।
