मुख्य बातें

फर्जी दस्तावेजों से नौकरी पाने वाला प्राइमरी टीचर बर्खास्त: खंडवा कोर्ट ने सुनाई थी 3 साल की सजा; फैसले को आधार बनाकर कलेक्टर ने दिए आदेश – Khandwa News

फर्जी दस्तावेजों से नौकरी पाने वाला प्राइमरी टीचर बर्खास्त:  खंडवा कोर्ट ने सुनाई थी 3 साल की सजा; फैसले को आधार बनाकर कलेक्टर ने दिए आदेश – Khandwa News

खंडवा में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर शासकीय नौकरी हासिल करने वाले प्राइमरी टीचर (हॉस्टल अधीक्षक) मोहन सिंह काजले को जिला प्रशासन ने सेवा से बर्खास्त कर दिया है। कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के तहत यह कार्रवाई की है। जारी आदेश के अनुसार मोहन सिंह काजले पूर्व में विकासखंड खालवा की शासकीय प्राथमिक शाला रायपुरढाना में पदस्थ थे। उन पर आरोप था कि उन्होंने खरगोन जिले में फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत कर शासकीय सेवा प्राप्त की थी। मामले की जांच के बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया था। कोर्ट ने दोषी मानते हुए सुनाई थी सजा
प्रशासन को सरकारी वकील द्वारा भेजे गए पत्र से जानकारी मिली कि एडिशनल सेशन जज, खंडवा ने याचिका नंबर 25/2021 में 25 अप्रैल 2026 को फैसला सुनाया है। अदालत ने मोहन सिंह काजले को दोषी करार दिया है। कोर्ट ने उन्हें भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 465, 468, 471, 201 एवं 120बी के तहत तीन साल के सश्रम कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई है। आदेश का हवाला देकर कलेक्टर ने किया बर्खास्त
आदेश में कहा गया है कि संबंधित कर्मचारी का आचरण गंभीर कदाचार की श्रेणी में आता है। ऐसे में उसका शासकीय सेवा में बने रहना लोकहित और प्रशासनिक दृष्टि से उचित नहीं माना गया। इसी आधार पर कलेक्टर ने उसे तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि मोहन सिंह काजले को निलंबन अवधि के दौरान दिया जा रहा जीवन निर्वाह भत्ता भी 24 अप्रैल 2026 से बंद कर दिया गया है। यह मामला लंबे समय से जांच और न्यायालयीन प्रक्रिया में चल रहा था। वर्ष 2020 में आरोपी शिक्षक को निलंबित किया गया था। अब अदालत से दोष सिद्ध होने के बाद जिला प्रशासन ने अंतिम अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उनकी सेवा समाप्त कर दी है।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *