![]()
भागलपुर के सरकारी विद्यालयों में कक्षा 1 से 8 तक की वार्षिक परीक्षा आज से शुरू हुई। पहले दिन सोशल साइंस विषय की परीक्षा आयोजित की गई। शिक्षा विभाग ने कदाचार मुक्त और पारदर्शी परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए कई नई व्यवस्थाएं लागू की हैं। परीक्षा के दौरान सभी स्कूलों में सख्ती बरती गई। कदाचार रोकने के लिए छात्रों को क्लासरूम में एक-एक बेंच पर अलग-अलग बैठाया गया। निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए शिक्षकों को उनके अपने विद्यालयों में ड्यूटी नहीं दी गई है, बल्कि अन्य विद्यालयों के शिक्षकों को वीक्षक के रूप में तैनात किया गया है। पहले दिन सोशल साइंस की परीक्षा नाथनगर प्रखंड के रामपुर स्थित रामावती कन्या मध्य विद्यालय में भी परीक्षा शांतिपूर्ण और कदाचार मुक्त माहौल में संपन्न हुई। यहां भी पहले दिन सोशल साइंस की परीक्षा हुई, जिसमें छात्रों को एक-एक बेंच पर बैठाया गया और अन्य विद्यालयों के शिक्षकों ने निगरानी की। शिक्षा विभाग ने प्रश्नपत्र वितरण प्रक्रिया में भी महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। पहले प्रश्नपत्र छपवाकर स्कूलों तक पहुंचाए जाते थे, लेकिन इस बार विभाग ने प्रश्नपत्र ऑनलाइन माध्यम से सीधे विद्यालयों के हेडमास्टर के मोबाइल पर भेजे। परीक्षा शुरू होने से पहले संबंधित विद्यालयों में प्रश्नों को ब्लैकबोर्ड पर लिखा गया, जिसके बाद विद्यार्थियों ने उत्तर पुस्तिका में अपने जवाब दर्ज किए। विभाग के अनुसार, जिले में लगभग चार लाख छात्र-छात्राएं इस वार्षिक परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। परीक्षा के पहले दिन, पहली पाली में कक्षा 3 से 8 तक के विद्यार्थियों की परीक्षा सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक आयोजित हुई। दूसरी पाली में कक्षा 1 और 2 के छात्रों की भाषा विषय की परीक्षा ली गई। इस बार मूल्यांकन के दौरान कमजोर विद्यार्थियों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार केवल ‘ई ग्रेड’ ही नहीं, बल्कि ‘सी’ और ‘डी ग्रेड’ प्राप्त करने वाले छात्रों की भी पहचान की जाएगी। 60 प्रतिशत से कम अंक पाने वाले विद्यार्थियों को चिन्हित कर उन्हें अतिरिक्त शैक्षणिक सहयोग दिया जाएगा, ताकि उन्हें आगे ‘ए’ और ‘बी ग्रेड’ तक पहुंचाने का प्रयास किया जा सके। शांतिपूर्ण और व्यवस्थित माहौल में परीक्षा संपन्न परीक्षा के पहले दिन अधिकांश विद्यालयों में शांतिपूर्ण और व्यवस्थित माहौल में परीक्षा संपन्न हुई। विभागीय अधिकारियों के अनुसार सभी स्कूलों को कदाचार मुक्त और पारदर्शी परीक्षा कराने के सख्त निर्देश दिए गए हैं, जिसका पालन सुनिश्चित किया जा रहा है।
Source link
