भोले-भाले लोगों को रुपयों का लालच देकर उनके बैंक अकाउंट खरीदकर उनमें साइबर फ्रॉड के रुपयों का लेन-देन करने के मामले में गिरफ्तार किए गए चारों आरोपियों को कोतवाली पुलिस ने रविवार को पाली के अतिरिक्त सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट दो कोर्ट में पेश किया। जहां से जहां से चारों आरोपी गोकुल, हिरेन, ओम और योगेश को कोर्ट ने चार दिन के पुलिस रिमांड पर सौंपा आरोपी इस गोरखधंधे से कब से जुड़े और इनके साथ और कौन-कौन लोग शामिल है। इसको लेकर कोतवाली पुलिस पूछताछ करेगी। दो और आरोपी गिरफ्तार, 5 हजार में बैंक अकाउंट खरीदकर 25 हजार में बेचते
पुलिस ने इस मामल में पाली शहर के सूरजपोल क्षेत्र निवासी 24 साल के लोकेश पुत्र भीमाराम और भैरूघाट क्षेत्र निवासी भावेश पुत्र रामलाल को रविवार को गिरफ्तार किया। दोनों का काम लाेगों को अपने झांसे में फंसाकर उनके बैंक अकाउंट 5-7 हजार रुपए में खरीदकर योगेश को 25 हजार में बेचना था। दोनों आरोपियों ने खुद के अकाउंट भी योगेश को बेचे इसके साथ ही और भी कई लोगों के अकाउंट योगेश को बेचने का काम किया। यह है मामला
बता दे कि 16 मई को कोतवाली पुलिस ने शहर के बापूनगर विस्तार में एक मकान पर दबिश देकर साइबर फ्रॉड करने वाली गैंग में शामिल बापू नगर विस्तार निवासी 33 साल के योगेश पुत्र जगदीश कुमार, गुजरात के 32 हाईवे रोड नई भीलड़ी डीसा (बनासकांठा) निवासी 29 साल के गोकुल कुमार पुत्र नवीन भाई, कांती काका की लाठी हाईवे से पूर्व मुकाम पोस्ट नई भीलड़ी बनासकांठा निवासी 29 साल के हिरेन कुमार उर्फ लाला पुत्र चेहरा भाई और गुजरात के बुकड़ी चौराहा विजय कुआ ओडवास पाटन ए-डिविजन पाटन निवासी 20 साल के ओम कुमार पुत्र दिलीप भाई को गिरफ्तार किया था। मामा-भांजा चलाते थे पाली में नेटवर्क
गोकुल और योगेश रिश्ते में मामा–भांजा है। योगेश पाली में लोकल नेटवर्क देखता था और लोगों से बैंक अकाउंट खरीदा था। गोकुल इस टीम का लीडर था। हिरेन और ओम फ्रॉड के रुपयों का एक अकाउंट से दूसरे अकाउंट में ट्रांसफर करने का काम करते थे।
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