संभल के मरकज़ी मदरसा अहले सुन्नत अजमल उल उलूम में रविवार को मरकज़ी रुयते हिलाल कमेटी (रजि.) की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता हज़रत अल्लामा मौलाना क़ारी राशिद रज़वी साहब ने की। बैठक का उद्देश्य ईद उल अज़हा के चाँद के संबंध में जानकारी जुटाना और निर्णय लेना था। कमेटी ने शहर और देश के विभिन्न हिस्सों से चाँद दिखने की सूचनाएं एकत्र कीं। कमेटी के पदाधिकारियों ने बताया कि सम्भल शहर में कहीं भी चाँद नहीं दिखा। देश के अन्य हिस्सों से भी चाँद दिखने की कोई विश्वसनीय जानकारी प्राप्त नहीं हुई। सभी प्राप्त सूचनाओं और शरई गवाही के आधार पर कमेटी ने घोषणा की कि 18 मई को ज़िलक़ादा माह की 30 तारीख़ पूरी होगी। इसके बाद 19 मई, मंगलवार को ज़िलहिज्जा माह की पहली तारीख़ मानी जाएगी। इसी के अनुसार, ईद उल अज़हा (बकरा ईद) 28 मई, गुरुवार को मनाई जाएगी।
बैठक में उपस्थित उलेमा और जिम्मेदारान ने लोगों से त्योहार को आपसी भाईचारे, शांति और धार्मिक उत्साह के साथ मनाने की अपील की। उन्होंने कुर्बानी के दौरान साफ-सफाई और प्रशासनिक निर्देशों का विशेष ध्यान रखने पर जोर दिया। उलेमा ने बताया कि इस्लाम में कुर्बानी का त्योहार त्याग, इंसानियत और अल्लाह के प्रति समर्पण का प्रतीक है। इस बैठक में क़ारी तनज़ीम अशरफ़ अजमली, मुफ़्ती शकील मिस्बाही, मुफ़्ती आलम नूरी, इमाम-ए-ईदगाह मौलाना ज़हीरुल इस्लाम, मौलाना शरीफ़ लतीफ़ी, मौलाना शमशाद मिस्बाही, मौलाना हसीब अख्तर मिस्बाही, क़ारी वसी अशरफ़, क़ारी इकराम, क़ारी शाहिद, क़ारी सरताज, क़ारी सलमान, क़ारी ज़ाहिद, हाफ़िज़ अब्दुल मन्नान, फ़रीद अहमद एडवोकेट, मास्टर इस्माईल और तक़ी अशरफ़ एडवोकेट सहित कई प्रमुख व्यक्ति उपस्थित थे।
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