उत्तर प्रदेश शासन के नगर विकास विभाग ने झांसी नगर निगम में 10 नामित पार्षदों की नियुक्ति कर दी है। शासन ने इसकी अधिसूचना जारी की है। राज्यपाल की ओर से इन लोगों को नामित पार्षद बनाया गया है। शासन के प्रमुख सचिव पी. गुरु प्रसाद द्वारा जारी आदेश के बाद शहर की राजनीतिक हलचल भी तेज हो गई है। बता दें कि नगर निगम में नामित पार्षदों को बोर्ड बैठकों में भाग लेने और शहर के विकास से जुड़े मुद्दों पर सुझाव देने का अधिकार होता है। इसके साथ ही वे शहर की विभिन्न समस्याओं को निगम बोर्ड के सामने रख सकते हैं। इनकी भूमिका नगर निगम की नीतियों और योजनाओं पर विचार-विमर्श में अहम मानी जाती है।
इस बार नामित पार्षदों की सूची को लेकर जातीय और सामाजिक समीकरणों की भी चर्चा हो रही है। सूची में ब्राह्मण, कुशवाहा, वैश्य, वाल्मीकि, प्रजापति समेत अलग-अलग समाज के लोगों को प्रतिनिधित्व देने की कोशिश की गई है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह कदम सामाजिक संतुलन साधने की रणनीति का हिस्सा भी हो सकता है।
वहीं, आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए भी इस नियुक्ति को अहम माना जा रहा है। माना जा रहा है कि नामित पार्षद अपने-अपने समाज और क्षेत्रों में राजनीतिक सक्रियता बढ़ाकर भाजपा के पक्ष में माहौल बनाने का काम कर सकते हैं। ऐसे में इन नियुक्तियों को आने वाले चुनावी समीकरणों से भी जोड़कर देखा जा रहा है। ये बनाए गए नामित पार्षद
धर्म करोशिया, कमलेश कुसुम कुशवाहा, सुनील विश्वकर्मा, नीलोष त्रिपाठी, सत्यकाम पुरोहित, संजय वाल्मीकि, प्रहलाल प्रजापति, आदर्श गुप्ता, वक़्सण जैन और प्रीति माहोर।
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