मुख्य बातें

मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने के लिए राज्यसभा में नोटिस: इस पर 73 सांसदों के दस्तखत, मार्च में दोनों सदनों में खारिज हो चुका प्रस्ताव


नई दिल्ली45 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए विपक्ष ने शुक्रवार को राज्यसभा में नोटिस दिया। इस पर 73 सांसदों के दस्तखत हैं।

इससे पहले मार्च में विपक्ष ने ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए संसद में नोटिस दिया था। हालांकि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और राज्यसभा सभापति सीपी राधाकृष्णन ने इन नोटिसों को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार के खिलाफ लगाए गए आरोप उन्हें हटाने के लिए आवश्यक उच्च संवैधानिक मानदंडों को पूरा नहीं करते।

100 सांसदों के दस्तखत जरूरी

लोकसभा में CEC को हटाने के प्रस्ताव के लिए कम से कम 100 सांसदों के हस्ताक्षर जरूरी होते हैं। राज्यसभा में इसके लिए कम से कम 50 सांसदों के हस्ताक्षर जरूरी होते हैं।

कानून के अनुसार प्रस्ताव मंजूर होने पर ही जांच समिति

मुख्य चुनाव आयुक्त को उसी तरीके से हटाया जा सकता है जैसे सुप्रीम कोर्ट के जज को हटाया जाता है। अन्य चुनाव आयुक्तों को हटाने के लिए मुख्य चुनाव आयुक्त की सिफारिश जरूरी होती है।

जजेज (इन्क्वायरी) एक्ट 1968 के अनुसार, अगर दोनों सदनों में एक ही दिन नोटिस दिया जाता है, तो जांच समिति तभी बनेगी जब दोनों सदनों में प्रस्ताव स्वीकार कर लिया जाएगा। इसके बाद लोकसभा स्पीकर और राज्यसभा चेयरमैन मिलकर एक संयुक्त जांच समिति बनाएंगे।

———————

ये खबर भी पढ़ें:

मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की तैयारी में विपक्ष:दोबारा नोटिस देंगे, मार्च में एक बार खारिज हो चुका; अब 200 सांसदों का समर्थन जुटाएंगे

मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए विपक्ष एक बार फिर कोशिश में जुटा है। सूत्रों के अनुसार, कई विपक्षी दलों के नेता आपस में बातचीत कर रहे हैं।

करीब पांच सीनियर लीडर एक नए नोटिस का मसौदा तैयार करने पर काम कर रहे हैं, ताकि हटाने की कार्यवाही शुरू की जा सके। इससे पहले मार्च में विपक्ष ने ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए संसद में नोटिस दिया था। पढ़ें पूरी खबर…

खबरें और भी हैं…



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *