विदिशा के ग्यारसपुर ब्लॉक के एक गांव में 15 वर्षीय नाबालिग बालिका का बाल विवाह समय रहते रोक दिया गया। प्रशासन और सामाजिक संगठन की त्वरित कार्रवाई के चलते बारात आने से पहले ही विवाह रुकवा दिया गया। विदिशा सोशल वेलफेयर ऑर्गेनाइजेशन को बाल विवाह की सूचना मिली, जिसके बाद जिला कार्यक्रम अधिकारी विनीता कस्बा को जानकारी दी गई। इसके बाद महिला एवं बाल विकास विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम गठित कर ग्राम खनदा भेजी गई। मौके पर टीम ने परिजनों से दस्तावेज मांगे, जांच में बालिका की उम्र 15 वर्ष पाई गई। अधिकारियों ने परिजनों को बाल विवाह निषेध कानून की जानकारी दी और इसे गंभीर अपराध बताया। बारात दमोह से आने वाली थी
बताया गया कि बालिका ने आठवीं कक्षा तक पढ़ाई की थी, लेकिन आर्थिक और पारिवारिक कारणों से पढ़ाई छोड़नी पड़ी थी। इसके बाद परिजन उसकी शादी की तैयारी कर रहे थे, और बारात दमोह से आने वाली थी।
टीम की समझाइश के बाद परिजन विवाह रोकने के लिए सहमत हो गए। मौके पर पंचनामा तैयार किया गया और बालिका को सुरक्षित वन स्टॉप सेंटर भेज दिया गया। इस कार्रवाई में जिला प्रभारी दीपा शर्मा, मुकेश ताम्रकार, शिवाली लखेरा और ग्यारसपुर थाना पुलिस की अहम भूमिका रही। सभी के समन्वय से समय रहते बाल विवाह रोका जा सका।
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