मोहनिया थाना क्षेत्र के लहुराबारी स्थित पॉलिटेक्निक कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. अजय कुमार को निगरानी विभाग ने 60 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई गुरुवार को कैमूर जिले में हुई।
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मौके से मिली राशि।
प्रिंसिपल पर आरोप है कि, उन्होंने अपने ही कॉलेज में कार्यरत सहायक कंप्यूटर शिक्षक गौरव कुमार वर्मा से मार्च से अगस्त महीने तक के वेतन भुगतान के लिए रिश्वत की मांग की थी। शुरुआत में एक लाख रुपये की मांग की गई थी, लेकिन बाद में यह राशि 60 हजार रुपये पर तय हुई।

टीम ने प्रिंसिपल को पकड़ा।
निगरानी विभाग में इसकी लिखित शिकायत दर्ज की
जानकारी के अनुसार, शिक्षक गौरव कुमार वर्मा का मासिक वेतन 45 हजार रुपये है, जो कटौती के बाद 40 हजार रुपये मिलता है। मार्च से अगस्त तक का उनका कुल वेतन लगभग दो लाख रुपये बनता था। वेतन भुगतान में देरी होने पर प्रिंसिपल ने रिश्वत की मांग की। पीड़ित शिक्षक गौरव कुमार वर्मा ने 1 सितंबर को निगरानी विभाग में इसकी लिखित शिकायत दर्ज कराई थी।
10 सदस्यीय टीम ने जाल बिछाया
शिकायत के सत्यापन के बाद निगरानी अन्वेषण ब्यूरो पटना की 10 सदस्यीय टीम ने पुलिस उपाधीक्षक विप्लव कुमार के नेतृत्व में जाल बिछाया। गुरुवार को प्रिंसिपल डॉ. अजय कुमार को उनके कार्यालय कक्ष से रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया। शिकायतकर्ता गौरव कुमार वर्मा ने बताया कि करीब एक महीने से प्रधानाचार्य वेतन भुगतान के नाम पर पैसे मांग रहे थे, जिसके बाद उन्होंने निगरानी विभाग से संपर्क किया।

मौके पर मौजूद पुलिस की गाड़ी।
शिकायत की पुष्टि के बाद ही यह कार्रवाई
वहीं, डीएसपी विप्लव कुमार ने पुष्टि की कि शिकायत की पुष्टि के बाद ही यह कार्रवाई की गई और आरोपी को रंगे हाथ पकड़ा गया।गिरफ्तारी के बाद प्रिंसिपल के कार्यालय और मोबाइल की तलाशी ली जा रही है। निगरानी विभाग की आगे की कार्रवाई जारी है, और आरोपी प्रिंसिपल को कानूनी प्रक्रिया के तहत न्यायालय में पेश किया जाएगा।
