भागलपुर में विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने के बाद खगड़िया जिले के परबत्ता प्रखंड स्थित अगुवानी गंगा घाट पर यात्रियों का दबाव बढ़ गया है। पुल पर आवागमन बाधित होने के कारण अब हजारों लोग सुल्तानगंज और अगुवानी घाट के बीच नाव फेरी सेवा का उपयोग कर गंगा पार करने को मजबूर हैं। यात्रियों से मनमाना किराया वसूले जा रहे
यात्रियों की संख्या में अचानक वृद्धि के कारण घाट पर अव्यवस्था फैल गई है। नावों पर क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाने, सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने और यात्रियों से मनमाना किराया वसूलने की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। अवैध वसूली और ओवरलोडिंग से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासन सक्रिय हो गया। बुधवार को एक प्रशासनिक टीम ने अगुवानी गंगा घाट पहुंचकर नाव परिचालन व्यवस्था का गहन निरीक्षण किया। निरीक्षण टीम में मोटर वाहन निरीक्षक आकांक्षा कुमारी, अनिल कुमार, गोगरी एसडीओ संजय कुमार, परबत्ता बीडीओ संतोष कुमार पंडित, अंचलाधिकारी हरिनाथ राम और पुलिस बल के जवान शामिल थे। नावों पर भीड़ को लेकर अधिकारियों ने फटकार लगाई
अधिकारियों ने घाट पर मौजूद नावों में यात्रियों की संख्या, सुरक्षा संसाधनों और किराया वसूली की व्यवस्था की जांच की। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने कई नावों पर अत्यधिक भीड़ देखी, जिसके बाद नाव संचालकों को कड़ी फटकार लगाई गई। मोटर वाहन निरीक्षक आकांक्षा कुमारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि नावों की निर्धारित क्षमता से अधिक यात्रियों को किसी भी परिस्थिति में बैठाने की अनुमति नहीं होगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी नाव पर ओवरलोडिंग पाई गई तो संबंधित नाव संचालकों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी और उनके परिचालन पर रोक भी लगाई जा सकती है। अवैध वसूली की शिकायतें लगातार प्राप्त हो रही
कुमारी ने जोर देकर कहा कि यात्रियों की सुरक्षा प्रशासन की पहली प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी नावों पर पर्याप्त संख्या में लाइफ जैकेट रखने और यात्रियों को सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। साथ ही, खराब मौसम और शाम के बाद नाव परिचालन में विशेष सावधानी बरतने को कहा गया। इसी क्रम में, गोगरी एसडीओ संजय कुमार ने घाट पर मौजूद नाव संचालकों एवं कर्मियों को कड़े शब्दों में चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि यात्रियों से अवैध वसूली की शिकायतें लगातार प्राप्त हो रही हैं, जिस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने साफ कहा कि निर्धारित किराया से अधिक राशि वसूलने वाले संचालकों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा। प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है और शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। अगुवानी घाट पर यात्रियों का दबाव अचानक बढ़ा
एसडीओ ने कहा कि विक्रमशिला पुल के क्षतिग्रस्त होने के कारण अगुवानी घाट पर यात्रियों का दबाव अचानक बढ़ा है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि लोगों की मजबूरी का फायदा उठाया जाए। उन्होंने नाव संचालकों से मानवता एवं जिम्मेदारी के साथ कार्य करने की अपील की। प्रशासनिक जांच के दौरान घाट पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल भी देखा गया। कई नाव संचालक अपनी नावों को किनारे लगाने लगे, जबकि यात्रियों की लंबी कतारें घाट पर लगी रहीं। प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर मौजूद लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याएं भी सुनीं। नावों में क्षमता से अधिक लोगों को बैठाया जा रहा यात्रियों ने बताया कि भीड़ अधिक होने के कारण घंटों इंतजार करना पड़ रहा है और कई नावों में क्षमता से अधिक लोगों को बैठाया जा रहा है, जिससे हादसे का खतरा बना रहता है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से घाट पर स्थायी निगरानी, पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती और नियमित जांच अभियान चलाने की मांग की। यात्रियों ने यह भी कहा कि अगर समय रहते सुरक्षा व्यवस्था मजबूत नहीं की गई तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। लोगों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ रहा
इधर प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अगुवानी घाट पर लगातार निगरानी रखी जाएगी तथा सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और नाव परिचालन को पूरी तरह सुरक्षित एवं व्यवस्थित बनाने के लिए हर जरूरी कदम उठाए जाएंगे। खगड़िया के गोगरी इटहरी निवासी शोभाकांत चौधरी ने बताया कि वे मरीज को लेकर मुंगेर के तारापुर जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह एक इमरजेंसी स्थिति है, लेकिन पिछले एक घंटे से अगुवानी घाट पर फंसे हुए हैं। नाव से गंगा पार करने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। भागलपुर के विक्रमशिला पुल के क्षतिग्रस्त होने के बाद लोगों की परेशानी और बढ़ गई है। वहीं, महेशखूंट निवासी राजन कुमार ने बताया कि उन्हें सुल्तानगंज जाना है, लेकिन घाट पर अत्यधिक भीड़ होने के कारण काफी दिक्कत हो रही है। उन्होंने कहा कि प्रशासन द्वारा सुरक्षा को देखते हुए नाव पर सीमित संख्या में ही यात्रियों को बैठाया जा रहा है, जिससे लोगों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ रहा है। मामले से जुड़ी अन्य तस्वीरें, देखें…
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